चार लाख रुपए प्रति किलो तक बिकने वाली चांदी इस साल पहली बार 2.07 लाख रुपए किलो रह गई। वहीं, ज्यादा रिटर्न की उम्मीद में निवेश करने वाले 56% निवेशकों को नुकसान झेलना पड़ा है। इस साल 29 जनवरी को पहली बार जयपुर में चांदी 4 लाख रुपए प्रति किलो पहुंची थी। इस स्तर से अब तक चांदी 1.93 लाख रुपए (48.25%)सस्ती चुकी है। इस महीने ही चांदी के भाव 9.39 % यानी 21,500 रु. प्रति किलो कम हो चुके हैं। 31 दिसंबर 2025 को चांदी की कीमत 2,38,500 रु. किलो थी। विश्लेषकों का कहना है कि जयपुर हाजिर बाजार में चांदी 2 लाख रुपए से नीचे आ सकती है। क्योंकि, अमेरिका स्पॉट सिल्वर की कीमत 55 डॉलर प्रति आउंस है। इस कीमत पर 15% कस्टम ड्यूटी और 3% जीएसटी (प्रभावी टैक्स 18.45%) जोड़ने के बाद भारत में चांदी की लैंडिंग कीमत 1.82 से 1.85 लाख रुपए प्रति किलो आ रही है। एमसीएक्स पर भी चांदी 2 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर आ चुकी है। पिछले साल दिवाली सीजन में देश के हाजिर बाजार में चांदी की किल्लत हो गई थी। ऐसे में सर्राफा कारोबारियों ने चांदी की डिलीवरी पर 25,000 रु. तक का रिकॉर्ड प्रीमियम वसूला था। महंगाई बढ़ने के मद्देनजर अमेरिका में ब्याज दर बढ़ने की आशंका से निवेशक सोना-चांदी से दूर हो रहे हैं। इसलिए चांदी सस्ती हुई। कीमत और घट सकती है। -कैलाश मित्तल, अध्यक्ष, सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी चांदी 4 महीने में ~2 लाख चढ़ी थी... अब तक ~1.93 लाख उतर चुकी जनवरी 2026 से अक्टूबर... 10 महीने में ऐसे उतरे भाव सोना 1.47 लाख रु./10 ग्राम... 20% तक सस्ता जयपुर में 24 कैरेट सोना 700 रु.सस्ता होकर 1,47,300 रु/10 ग्राम रहा। 22 कैरेट सोना 500 रु. सस्ता होकर 1,35,500 रु.पर बंद हुआ। 24 कैरेट सोना 29 जनवरी के रिकॉर्ड 1.84 लाख से 36,700 रु. (19.94%) सस्ता हुआ। महंगा क्रूड, अमेरिका में ब्याज दर बढ़ने की चिंता, मजबूत डॉलर व उद्योगों में सीमित मांग का असर चांदी की कीमतें गिरने के पीछे क्या कारण? क्रूड 100 डॉलर/बैरल से ऊपर रहने से महंगाई की चिंता बढ़ी है। अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका है। क्या चांदी में आगे फिर तेजी लौट सकती है? कच्चा तेल सस्ता होने से महंगाई और उत्पादन लागत, दोनों मोर्चों पर राहत मिल सकती है। सोने-चांदी को सहारा मिलेगा। घरेलू त्योहारी मांग बनी हुई है और कम भाव पर वास्तविक खरीद बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, अमेरिकी केंद्रीय बैंक की अगली बैठक तक उतार-चढ़ाव संभव है। शादी या त्योहार के लिए अभी खरीदें या रुकें? खरीदारी किस्तों में करें। कुछ खरीद अभी और बाकी 15-20 दिन के अंतराल पर की जा सकती है। निवेश के लिए एक-दो महीने के बजाय 6 महीने से एक साल का नजरिया रखें। अल्पावधि में घरेलू सोना 1.37-1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक आ सकता है। चांदी भी 1.95 लाख चक पहुंच सकती है। लेकिन अगले साल दिवाली तक चांदी 3-3.25 लाख रुपए प्रति किलो पहुंचने की संभावना है। क्या उद्योगों में भी चांदी की मांग घट रही? अमेरिका-ईरान जंग के चलते कारखानों के लिए एनर्जी कास्ट लगभग दोगुनी हो चुकी है। ऐसे में कई कंपनियां अपने उत्पादन को सीमित कर रही हैं। अजय केडिया, डायरेक्टर, केडिया एडवाइजरी