जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में एक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित 22 साल की युवती का सफल इलाज कर उसे नया जीवन दिया। ये युवती फैंकोनी एनीमिया से पीड़ित थी, जिसके कारण युवती का बोन मैरो सिस्टम फेल हो गया और करीब 5-6 साल से शरीर में ब्लड बनना बंद हो गया था। इसके बाद फैंकोनी एनीमिया से पीड़ित बच्ची का इसी महीने एसएमएस हॉस्पिटल में बोन मेरो ट्रांसप्लांट किया गया। 5 साल से फैंकोनी एनीमिया से पीड़ित थी युवती SMS मेडिकल कॉलेज में क्लिनिकल हीमेटोलॉजी डिपार्टमेंट के एचओडी और प्रोफेसर डॉ. विष्णु शर्मा और उनकी टीम ने इस दुर्लभ बीमारी का इलाज किया। डॉ. शर्मा ने बताया- राजसमंद की रहने वाली इस बच्ची के 5 साल से ब्लड प्लेटलेट्स चढ़ाई जा रही थी। जांच में पता चला कि युवती के फैंकोनी एनीमिया से पीड़ित, जो एक दुर्लभ अनुवांशिक बीमारी है। डॉक्टर ने बताया- ये बीमारी 10 लाख में से एक व्यक्ति में पाई जाती है। इस बीमारी में धीरे-धीरे मरीज का बोनमेरो सिस्टम का फंक्शन बंद हो जाता है और शरीर में ब्लड और उसके दूसरे कॉम्पोनेंट बनने बंद हो जाते है। हर 10 दिन में चढ़ानी पड़ती थी प्लेटलेट्स डॉ. विष्णु शर्मा ने बताया- युवती का बोन मैरो सिस्टम बंद होने के कारण उसको हर 10 दिन में प्लेटलेट्स चढ़ानी पड़ रही थी। इसके चलते युवती और उसके परिजन परेशान थे। युवती को जब SMS में दिखाया और उसकी तमाम जांचे करवाई तो उसमें ये बीमारी डिटेक्ट हुई, जिसके बाद उसे 17 सितंबर को भर्ती करके बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया गया।