शहर में पीएम ई-बस सेवा के रूट निर्धारण में विसंगतियों के चलते कई इलाके इसकी सुविधा से महरूम हैं। अब भी चौपासनी में स्वीकृत जेडीए कॉलोनियों तक बसों का रूट नहीं है। लहरिया रिसॉर्ट क्षेत्र में 3 बड़े निजी स्कूल हैं। आदर्श महाविद्यालय, राजकीय दरबार आचार्य संस्कृत महाविद्यालय, श्रीपारसमल बोहरा नेत्रहीन महाविद्यालय, अजय लीला स्पेशल टीचर ट्रेनिंग सेंटर और थॉमस कंगन मेमोरियल कॉलेज भी हैं। इन संस्थानों में रोजाना हजारों स्टूडेंट्स पहुंचते हैं। हर माह प्रतियोगी परीक्षाएं और खेलकूद प्रतियोगिताओं में भी स्टूडेंट्स आते हैं। इनमें से सैकड़ों स्टूडेंट्स और अन्य को पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन के लिए 2 से 3 किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य मार्ग तक आना पड़ता है। नेत्रहीन व दिव्यांग स्टूडेंट्स को खासी परेशानी झेलनी पड़ती है। निगम अफसरों का कहना है कि आगामी खेप में बसें मिलने के बाद यहां बसें शुरू करने पर विचार करेंगे। बनाड़ से लेकर जैसलमेर बाइपास तक 34 स्टॉप वर्तमान में बसें बनाड़ से जैसलमेर बाईपास के बीच चल रही हैं। बसें बनाड़ से रवाना होकर राईकाबाग बस स्टैंड, सर्किट हाउस, भाटी सर्कल, पांच बत्ती चौराहा, जेडीए चौराहा, रेलवे स्टेशन, रोटरी चौराहा, एमडीएम हॉस्पिटल, जलजोग सर्कल, बॉम्बे मोटर चौराहा, आखलिया चौराहा, पहला पुलिया, दूसरा पुलिया और चौपासनी रोड होते हुए जैसलमेर बाईपास तक जा रही हैं। 100 बसें चलनी हैं, अब तक 19 ही आईं जोधपुर में अब तक 19 बसें आ चुकी हैं। 100 ई-बसों का बेड़ा स्वीकृत है। 7 बसें ऑन-रूट चल रही हैं (इनमें से पहले चरण में 5 बसें नियमित रूप से शुरू की गई थीं)। 8 बसों के आरटीओ से कागजात (पंजीकरण व परमिट) तैयार करवाए जा रहे हैं। चार दिन पहले आईं 4 बसें डिपो में खड़ी हैं। एक बस को एक फेरा करने में डेढ़ घंटा लगता है। यात्रियों को हर 40 मिनट के अंतराल में बस मिलती है। बसें सुबह 7 से रात 10 बजे तक चलती हैं। किराया 15 से 50 रुपए तक है। 2-3 किमी के ऑटो वाले ले रहे 80 रुपए श्याम मनोहर नगर निवासी कल्पना कंवर ने बताया कि ई-बस का स्टैंड 3 किमी दूर मुख्य सड़क पर रखा है। ऑटो वहां तक छोड़ने के लिए 60-80 रुपए तक किराया वसूलते हैं। लोगों व स्टूडेंट्स की मांग है कि बस का फेरा यहां तक बढ़ाया जाए।