दीपावली रोशनी और खुशियों का त्योहार है। लेकिन हर साल खुशियों के बीच कुछ ऐसी तस्वीरें भी सामने आती हैं, जिन्हें देखकर मन सिहर उठता है। उत्सव के बीच एक छोटी असावधानी लंबे दर्द की वजह बन जाती है... दैनिक भास्कर दीपावली से पहले ऐसी ही फोटो सीरीज शुरू कर रहा है। हमारा मकसद डराना या त्योहार की खुशियां कम करना नहीं है, बल्कि आपको उस खतरे के प्रति सजग करना है। एक छोटी सी असावधानी से ज़िंदगी भर का दर्द दौसा के 24 वर्षीय गणेश मीणा पिछले साल गोवर्धन के दिन पटाखे जला रहे थे। अचानक तेज धमाका हुआ और गणेश के बाएं हाथ के कोहनी तक चिथड़े उड़ गए। परिवार उसे दौसा अस्पताल ले गया, वहां से ट्रोमा सेंटर जयपुर रेफर किया गया। तीन-चार दिन बाद गणेश का ऑपरेशन हुआ। उसकी बाईं आंख खराब हो चुकी थी, कान का पर्दा भी फट गया था। 16 दिन अस्पताल में रहा। गणेश की जिंदगी ही बदल गई। परिवार ट्रैक्टर बेचकर, कर्ज लेकर इलाज करवा रहा है, 6-7 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं। गणेश हाल में नौकरी पर लौटे हैं। मुश्किल से खुद को संभाला है। जिंदगी उनके लिए बेदर्द हो चली है। गणेश किसी भी हाल में उस घटना को भूल नहीं पाते, बार–बार वो गलती उन्हें दुख से भर देती है। डॉक्टर की सलाह हाथ में पटाखा न जलाएं। चेहरा और आंखें दूर रखें। न जले पटाखे को दोबारा न छुएं और उसे सुरक्षित दूरी से पानी में भिगो दें। -डॉ. दिनेश गोरा, ट्रॉमा सर्जन, पॉलीट्रॉमा केयर प्रभारी, एसएमएस ट्रॉमा सेंटर