उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय (MLSU) में शनिवार को उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) कुलदीप रांका पहुंचे। कुलदीप रांका ने यूनिवर्सिटी के डीन्स, डायरेक्टर्स और विभागाध्यक्षों के साथ बातचीत की। रांका ने कहा कि पिछले 20 सालों में दुनिया और शिक्षा व्यवस्था में बहुत बड़ा बदलाव आया है। आज के दौर में ग्लोबलाइजेशन और तकनीक ने सब कुछ बदल दिया है। मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में शिक्षा अधिकारी कुलदीप रांका ने कहा कि अब हुनर ही सबसे बड़ी चीज है। जिसके पास हुनर होगा, वही आगे बढ़ेगा। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का जिक्र करते हुए कहा कि इससे पढ़ाई का तरीका पूरी तरह बदल गया है। भारत में युवाओं को सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि हुनर सिखाना जरूरी है, ताकि वे नौकरी मांगने की जगह नौकरी देने वाले बनें। उन्होंने नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत सिल्वर इकोनॉमी, केयर इकोनॉमी और डिजिटल इकोनॉमी के महत्व पर भी बात की। क्लासरूम से बाहर भी सीखें: रांका का सुझाव रांका ने कहा कि पढ़ाई सिर्फ क्लासरूम तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने 'आउटसाइड क्लासरूम लर्निंग' को बढ़ावा देने की बात कही, जिसमें फील्ड विजिट और इंटर्नशिप के आधार पर छात्रों को नंबर दिए जाएं। उन्होंने नई भर्तियों और शिक्षकों के प्रमोशन में तेजी लाने की बात भी कही। शिक्षकों ने अपनी समस्याओं और योजनाओं को लेकर उनसे सवाल भी पूछे। पेंशन की चिंता: कुलगुरु का मुद्दा कार्यक्रम में कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत ने रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वे यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि रिटायर्ड कर्मचारियों को समय पर पेंशन मिलती रहे। उन्होंने अपने पिछले 6 महीने के कार्यकाल को अच्छा बताते हुए यूनिवर्सिटी के स्टाफ की मेहनत की सराहना की। रांका ने उदयपुर संभाग के कॉलेजों के प्रिंसिपलों के साथ बैठक में नए सत्र की शुरुआत और एडमिशन की प्रक्रिया समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।