उदयपुर के चर्चित कन्हैयालाल हत्याकांड मामले में एनआईए ने खुद की स्पेशल कोर्ट गठित कर फास्ट ट्रैक कोर्ट की तरह तेज सुनवाई शुरू कर दी है। अब औसतन हर 4 दिन में इस मामले की सुनवाई चालू हो गई है। पिछले 16 अक्टूबर को कन्हैयालाल के बेटे यश साहू की पेशी भी हुई थी। कन्हैयालाल के बेटे यश ने बताया कि हमारी शुरू से ही फास्ट ट्रैक या स्पेशल कोर्ट ​गठित की मांग रही है। 8 अक्टूबर 2026 से NIA ने स्पेशल कोर्ट बनाई है। अब सभी 166 गवाहों की हियरिंग समय पर होगी। अभी तक केवल 30 की गवाही हो पाई थी। अब न्याय की उम्मीद है। हर चार दिन में होगी नियमित सुनवाई बता दें कि इससे पहले जून 2022 से 7 अक्टूबर 2026 तक इस केस की सुनवाई एनआईए की ओर से सीबीआई कोर्ट में हो रही थी। जहां एनआईए की ओर से सीबीआई कोर्ट को स्पेशल चार्ज देकर सुनवाई कराई जा रही थी। पहले औसतन हर 20 दिन बाद सुनवाई होती थी। अब एनआईए की स्पेशल कोर्ट बनने और हर 4 दिन में नियमित सुनवाई होने से कन्हैयालाल के परिवार को आगामी डेढ़ साल के भीतर न्याय मिलने की पूरी उम्मीद बंधी है। सजा नहीं मिलने से अपराधियों के हौसले बुलंद, कई हत्याकांड हो चुके कन्हैयालाल के बेटे यश साहू ने बताया कि न्याय में देरी से परिवार भारी मानसिक पीड़ा से गुजर रहा है। 28 जून 2022 को जिन अपराधि​यों ने मेरे पिता की हत्या की और उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला था, वो सबके सामने था। ऐसे में इतने सुलझे और सबूत वाले केस में देरी क्यों हो रही है। इसी देरी की वजह से उदयपुर में पिछले दिनों आरव और देवराज जैसे हत्याकांड हो चुके है। अपराधियों के हौसले इसलिए बुलंद हो रहे हैं क्योंकि पिछले वाले केस में सजा नहीं मिली तो इनका क्या ही होगा। 4 साल पहले बेरहमी से काटा था कन्हैयालाल का गला बता दें कि 28 जून 2022 को मालदास स्ट्रीट में कन्हैयालाल टेलर की आतंकी मोहम्मद रियाज अत्तारी व गौस मोहम्मद ने गला काटकर हत्या कर दी थी। फिर इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। हत्या बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद को कुछ ही घंटों में दबोच लिया था। इस जघन्य हत्याकांड में कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया। जिनमें दो पाकिस्तानी नागरिक भी शामिल हैं। हालांकि पाकिस्तान के वे दोनों आतंकी आज तक एनआईए की गिरफ्त से बाहर हैं। इस आतंकी घटना के बाद चश्मदीद राजकुमार व अन्य गवाहोंको भयंकर मानसिक और आर्थिक संघर्ष का सामना करना पड़ा। चश्मदीद राजकुमार को इस सदमे से ब्रेन हैमरेज तक हो चुका। आज भी कन्हैयालाल का परिवार आरोपियों को सख्त सजा मिलने का इंतजार कर रहा है। न्याय की आस में कन्हैयालाल के बेटे यश साहू बिना चप्पल-जूते ही रहते हैं। बाल भी नहीं कटवाए हैं।