पुलिस ने जब गांधी भवन से थाने तक के सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो वसीम 6 बजकर 10 मिनट पर स्टेशन के सामने वाली गली से लहूलुहान हालत में निकलता नजर आया। वह आगे जाकर फिर एक गली गिर गया। इसके बाद लड़खड़ाता हुआ दुकान के पास जाकर बैठ गया। आसपास लोग निकलते रहे लेकिन किसी ने मदद नहीं की। अगर पुलिस को सूचना दे दी जाती तो अस्पताल पहुंचाया जा सकता था। बहन का कहना था कि वसीम ने यहां आते ही कहा था-दो दिन बस.., और ऐसा ही हो गया। उनका इकलौता भाई उन्हें हमेशा के िलए छोड़कर चला गया। वसीम के बहनोई शौकत ने बताया कि वसीम की तबीयत ठीक नहीं थी। दो बहनों का इकलौता भाई था। वह शादी से इनकार कर रहा था, इसलिए उसे मन्नत मांगने के लिए लाए थे। शौकत ने बताया कि वसीम की मां फरीदा, उसकी बहनें नगमा और महक, बहनोई सलमान और खुद शौकत, वसीम की मौसी और अन्य लोग 19 अक्टूबर को सुबह 6:30 बजे अजमेर पहुंचे थे। सोमवार की रात करीब ढाई बजे वह दरगाह परिसर में हाजिरी भर रहा था और अचानक भाग कर निकल गया। तब से ही उसे तलाश रहे थे। बुधवार को महाराष्ट्र निवासी अब्दुल रहीम अली हमारे साथ वसीम की तलाश में निकले। बुधवार शाम को रेलवे स्टेशन के पास उसकी फोटो दिखा कर जानकारी ले रहे थे। तब एक ऑटो वाले ने तस्वीर देखी तो उसने अपने मोबाइल में उसकी डेड बॉडी की फोटो दिखाई। कन्फर्म होने के बाद थाने पहुंचे। शिनाख्त के बाद मां फरीदा की तहरीर पर मर्ग दर्ज कर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। इस दौरान बेटे का शव देखकर मां और दोनों बहनों का रो रो कर बुरा हाल हो गया था। मां फरीदा बेहोशी की स्थिति मेंं पहुंच गई थी। एसएचओ भीखाराम काला ने बताया कि डेडबॉडी मिलने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज निकाले गए थे। फुटेज के आधार पर दरगाह तक टीम गई। इस दौरान सामने आया कि वह तीन बार गिरा। पहली बार तेजी से गिरा जिससे उसकी ठोड़ी से खून आने लगा था। बेटे का शव देखकर बेसुध हुई मां मृतक वसीम। अजमेर| क्लॉक टावर थाना क्षेत्र में गांधी भवन के पास एक दुकान के पास लहूलुहान हालत में मृत मिले युवक की शिनाख्त हो गई है। उसकी पहचान कर्नाटक के जयभीम नगर अरिहर जिला निवासी वसीम अकरम (28) के रूप में हुई। वह परिवार के साथ कर्नाटक से 19 अक्टूबर की सुबह वह अजमेर आया था। दरगाह 20 अक्टूबर की रात करीब ढाई बजे वह दरगाह में हाजिरी भर रहा था और अचानक उसी हालत में दौड़कर दरगाह परिसर से बाहर निकल गया था। पुलिस जांच में सामने आया कि वह दरगाह से रेलवे स्टेशन आने तक तीन बार गिरा जिससे उसे गंभीर चोटें आईं और इसी हालत में उसकी मौत हो गई।