कोटा के सरकारी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में प्रसूताओं की हो रही मौत पर बुधवार को वेलफेयर पार्टी कोटा की तरफ से प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने हाथ में तख्तियां लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान पीड़ित परिवार की ओर से प्रदर्शन में शामिल टीना ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि उनकी भाभी पायल की मौत हुए 6 महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। वेलफेयर पार्टी की प्रतिनिधि शिफा खालिद ने बताया- सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज में महिलाओं की मृत्यु दर लगातार बढ़ रही है। मई से लेकर अब तक लगातार ज्ञापन देने और आवाज उठाने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है, बल्कि व्यवस्थाएं और बदतर हो गई हैं। स्वास्थय मंत्री को जवाब देना होगा- प्रदर्शनकारी वेलफेयर पार्टी की प्रतिनिधि शिफा ने आरोप लगाया कि अस्पतालों में सफाई, डॉक्टरों की सही व्यवस्था और दवाओं का समुचित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों में भारी खर्च के कारण गरीब जनता सरकारी अस्पताल का रुख करती है, लेकिन वहां कोई सुविधा या व्यवस्था नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर को इस पर जवाब देना होगा और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा मिलना चाहिए। पीड़ित परिवार का छलका दर्द प्रदर्शन में शामिल टीना ने कहा कि उसकी भाभी पायल की मौत हुए 6 महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। टीना ने कहा- अस्पताल में पूछने पर मौतों की कोई स्पष्ट वजह नहीं बताई जाती। हमें संदेह है कि यह सब खराब या गलत दवाओं के कारण हो रहा है। डॉक्टरों को तो फिर से ड्यूटी पर लगा दिया जाता है, लेकिन अनाथ हुए बच्चों को इंसाफ कौन देगा? निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग उन्होंने मांग की कि पीड़ित बच्चों के भविष्य के लिए उन्हें जल्द से जल्द न्याय दिया जाए। प्रदर्शन में सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य व सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने, प्रसूताओं की मौत के जिम्मेदार कारणों की निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग रखी गई।