पंचायती राज चुनाव 2026 के तीसरे चरण में नामांकन पत्रों की जांच के बाद अब नाम वापसी की बारी है। सोमवार को दोपहर 3 बजे तक उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के चुनाव की तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी। फिलहाल जिला परिषद के 31 वार्डों के लिए नामांकन जांच के बाद 83 उम्मीदवार चुनाव मैदान में शेष हैं। इनमें से अब तक 14 वार्डों में कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला बन रहा है। जिला परिषद की 14 सीटों पर कांग्रेस-भाजपा के प्रत्याशी ही शेष रहे हैं। जिला परिषद के कई वार्डों में तीन एवं चार प्रत्याशी है। यदि वहां पर किसी वार्ड से नाम वापसी होती है, तो मुकाबला त्रिकोणीय एवं सीधा हो सकता है। नाम वापसी के बाद सीधे मुकाबले वाले वार्डों की संख्या बढ़ भी सकती है या कुछ वार्डों में मुकाबले का समीकरण बदल सकता है। निर्वाचन विभाग के अनुसार तीसरे चरण में नाम वापसी दोपहर तीन बजे तक की जा सकेगी। उसके बाद चुनाव चिन्ह आवंटन के साथ ही अंतिम सूची जारी हो जाएगी। जिले में तीसरे चरण के तहत देवली, मालपुरा, पचेवर, पीपलू और उनियारा पंचायत समितियों में चुनाव होने हैं। इन क्षेत्रों की पंचायत समितियों की 95 सीटों के लिए नामांकन पत्रों की जांच के बाद 347 उम्मीदवार मैदान में रह गए हैं। सोमवार को नाम वापसी के बाद यह स्पष्ट होगा कि कितने उम्मीदवार चुनाव मैदान में रहेंगे और कितनी सीटों पर सीधा मुकाबला होगा। वर्ष 2020-21 के पंचायत समिति चुनाव में जिले की सात पंचायत समितियों की 135 सीटों पर 368 उम्मीदवार मैदान में थे।टोंक में 19 सीटों पर 49, पीपलू में 19 सीटों पर 46, निवाई में 21 सीटों पर 60, मालपुरा में 23 सीटों पर 64, टोडारायसिंह में 15 सीटों पर 43, उनियारा में 17 सीटों पर 47 और देवली में 21 सीटों पर 59 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था। इस बार जिले में पंचायत समितियों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। पचेवर पंचायत समिति में इस बार पहली बार चुनाव होंगे। पिछले जिला परिषद चुनाव में 25 सीटों के लिए 59 उम्मीदवार मैदान में शेष रहे थे। इस बार जिला परिषद के 31 वार्डों के लिए 83 उम्मीदवारों में मुकाबले की उम्मीद है । ऐसे में नाम वापसी के बाद उम्मीदवारों की संख्या और राजनीतिक समीकरणों पर सभी की नजरें रहेंगी।