धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व (डीकेटीआर) के विरोध में सरमथुरा नगर पालिका क्षेत्र में करीब 20 दिनों से चल रहे धरने का असर निकाय चुनाव की नामांकन प्रक्रिया पर साफ दिखाई दिया। नामांकन के दूसरे दिन केवल एक प्रत्याशी ने आवेदन किया था, जबकि नामांकन के अंतिम दिन सोमवार सुबह तक 25 वार्डों में एक भी नामांकन दाखिल नहीं हुआ। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी और पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान सरमथुरा पहुंचे। अधिकारियों की समझाइश और स्थानीय लोगों से बातचीत के बाद नामांकन प्रक्रिया शुरू हो सकी। 20 दिन से चल रहा विरोध, चुनाव बहिष्कार की चेतावनी स्थानीय लोगों का कहना है कि धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व को लेकर ग्रामीणों में लंबे समय से विरोध है। इसी मांग को लेकर ग्रामीण करीब 20 दिनों से धरना दे रहे हैं। ग्रामीणों ने मांगों का समाधान नहीं होने पर निकाय चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी भी दी थी। इसके चलते नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद चुनाव को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। कलेक्टर-एसपी पहुंचे सरमथुरा मामले की गंभीरता को देखते हुए सोमवार को जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी और पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान सरमथुरा पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। अधिकारियों ने लोगों से चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने की अपील करते हुए नामांकन शुरू कराने के लिए समझाइश की। अधिकारियों की मौजूदगी में शुरू हुआ नामांकन प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप और स्थानीय लोगों से संवाद के बाद आखिरकार नामांकन प्रक्रिया शुरू हो सकी। कलेक्टर और एसपी नामांकन प्रक्रिया के दौरान मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। अब तेज होने की उम्मीद चुनावी गतिविधियां नामांकन के अंतिम दिन सुबह तक 25 वार्डों में किसी प्रत्याशी के आवेदन नहीं आने से प्रशासन के सामने चुनाव प्रक्रिया को लेकर चुनौती खड़ी हो गई थी। हालांकि अधिकारियों के पहुंचने और समझाइश के बाद नामांकन शुरू होने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है। अब प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल करने के साथ सरमथुरा में चुनावी गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।