जयपुर एक बार फिर दुनिया के सबसे पुराने और शाही खेलों में शुमार पोलो के रोमांच के लिए तैयार है। राजस्थान पोलो क्लब (RPC) की ओर से वार्षिक सितम्बर पोलो सीजन 2026 का आगाज 1 सितंबर से होने जा रहा है। करीब दो महीने तक चलने वाले इस सीजन में देश के नामी खिलाड़ियों के बीच कई प्रतिष्ठित टूर्नामेंट, जूनियर मुकाबले और एग्जीबिशन मैच खेले जाएंगे। सीजन का समापन 25 अक्टूबर को होगा। इस बार जयपुर का पोलो सीजन सिर्फ दिन के मुकाबलों तक सीमित नहीं रहेगा। सीजन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि कुछ फाइनल मुकाबले और एग्जीबिशन मैच पहली बार फ्लडलाइट्स की रोशनी में रात के समय खेले जाएंगे। इसके लिए पोलो मैदान में फ्लडलाइट्स की व्यवस्था पूरी कर ली गई है। ऐसे में घोड़ों की रफ्तार, खिलाड़ियों के शानदार शॉट्स और रात की रोशनी में सजा मैदान दर्शकों को पोलो का बिल्कुल नया अनुभव देगा।
आरपीसी कप से होगी शुरुआत सितम्बर पोलो सीजन की शुरुआत आरपीसी कप (4 गोल) से होगी। पहला चरण 1 से 6 सितंबर तक खेला जाएगा, जबकि दूसरा चरण 7 से 13 सितंबर तक आयोजित होगा। इसके बाद प्रतियोगिताओं का सिलसिला लगातार जारी रहेगा। चिंकारा पोलो चैंपियनशिप (6 गोल) 14 से 20 सितंबर तक आयोजित होगी। वहीं आर्मी कमांडर्स कप (6 गोल) 21 से 27 सितंबर तक 61वीं कैवेलरी ग्राउंड पर खेला जाएगा। इसी अवधि में 14 से 27 सितंबर तक जयपुर जूनियर ओपन-अंडर-21 का आयोजन आउट ऑफ हैट फॉर्मेट में किया जाएगा। इस बार पोलो सीजन में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच मिलेगा। अक्टूबर में बढ़ेगा मुकाबलों का रोमांच अक्टूबर में जयपुर के पोलो मैदान पर एक के बाद एक बड़े मुकाबले देखने को मिलेंगे। स्टर्नहेगन की ओर से प्रायोजित भावनगर पोलो ट्रॉफी (8 गोल) 28 सितंबर से 4 अक्टूबर तक खेली जाएगी। इसके बाद सवाई मान गार्ड कप (8 गोल) 5 से 11 अक्टूबर तक होगा। होटल कैसल कानोता की ओर से प्रायोजित जनरल अमर सिंह कानोता कप (6 गोल) 12 से 18 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। वहीं सीजन का अगला प्रमुख टूर्नामेंट एनबीसी की और से प्रायोजित बीएम बिड़ला कप (4 गोल) 19 से 25 अक्टूबर तक खेला जाएगा। इन प्रतियोगिताओं के साथ जयपुर का पोलो मैदान देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले खिलाड़ियों और टीमों की मौजूदगी से गुलजार रहेगा। रात में पोलो का नया अनुभव इस बार सीजन में होने वाले नाइट पोलो मुकाबले सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। पोलो को आमतौर पर दिन के समय खुले मैदान में देखने वाले दर्शकों के लिए रात की रोशनी में होने वाले मैच बिल्कुल नया अनुभव होंगे। फ्लडलाइट्स के बीच तेज रफ्तार से दौड़ते घोड़े, गेंद पर शॉट लगाते खिलाड़ी और रोशनी से जगमगाता पोलो ग्राउंड मुकाबलों को खास विजुअल अपील देगा। खासकर फाइनल और एग्जीबिशन मैचों को रात में आयोजित करने की पहल से दर्शकों की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है। एग्जीबिशन मैच भी रहेंगे खास आकर्षण पोलो सीजन के दौरान कई विशेष एग्जीबिशन मैच भी आयोजित किए जाएंगे। इनमें एफएचटीआर द्वारा प्रायोजित एफएचटीआर एग्जीबिशन पोलो मैच 18 सितंबर को होगा। इसके बाद USPA द्वारा प्रायोजित मेयो पोलो कप 10 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा इंटरनेशनल जूनियर टेस्ट मैच 1 नवंबर 2026 को प्रस्तावित है, जिससे युवा और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को भी जयपुर के पोलो मैदान पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सकता है। ‘नई पीढ़ी से जोड़ना है पोलो की परंपरा’ सवाई पद्मनाभ सिंह ने कहा कि जयपुर का पोलो सीजन हर वर्ष अपनी अलग पहचान बनाता है और इस बार का सीजन इसे नई ऊंचाई देने वाला है। उनके अनुसार, देश-विदेश के बेहतरीन खिलाड़ियों को जयपुर में देखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि जयपुर की समृद्ध पोलो परंपरा को संरक्षित रखने के साथ इसे नई पीढ़ी से जोड़ना भी जरूरी है। युवा और महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना प्राथमिकता है और उम्मीद है कि यह सीजन खेल प्रेमियों को रोमांचक मुकाबलों के साथ शानदार अनुभव देगा।