अमर गायक मुकेश के सदाबहार गीतों और उनकी मधुर आवाज की यादों को समर्पित कार्यक्रम ‘एक शाम मुकेश के साथ’ में एक दिलचस्प वाकया देखने को मिला। यहां संगीत से सजी इस खास शाम में सुरों के साथ कला का भी अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान जयपुर के सुप्रसिद्ध मूर्तिकार पंकज भार्गव ने मंच पर ही मुकेश जी का लाइव रिलीफ पोर्ट्रेट तैयार कर सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। पंकज भार्गव ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का परिचय देते हुए मुकेश के चेहरे के भाव और उनकी शख्सियत को रिलीफ आर्ट के माध्यम से आकार दिया। दर्शकों के सामने धीरे-धीरे तैयार होती मुकेश की यह कलाकृति कार्यक्रम का खास आकर्षण बनी रही। जैसे-जैसे पोर्ट्रेट आकार लेता गया, वैसे-वैसे दर्शकों की उत्सुकता भी बढ़ती गई। संगीत के साथ कला को मिला मुकेश को नमन का अंदाज पंकज भार्गव ने बताया कि मुकेश जी की आवाज ने हिंदी सिनेमा के संगीत को कई यादगार गीत दिए है। उनकी गायकी में मौजूद सादगी, भावनात्मक गहराई और सहजता आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में जीवित है। इसी अमर विरासत को याद करते हुए आयोजित इस कार्यक्रम में मैंने अपनी कला के माध्यम से मुकेश जी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने बताया कि लाइव पोर्ट्रेट तैयार करते समय मुकेश जी के चेहरे की पहचान और उनकी भावपूर्ण शख्सियत को उभारने पर खास ध्यान दिया। मंच पर बनती कलाकृति ने संगीत कार्यक्रम को एक अलग दृश्यात्मक आयाम दिया। मुकेश जी का यह लाइव रिलीफ पोर्ट्रेट तैयार होने के बाद इसे ग्रेविटा के ओनरशेखर महला को भेंट किया गया। इस दौरान कला और संगीत से जुड़े लोगों ने पंकज भार्गव की कलाकृति की सराहना की।