उदयपुर की NI एक्ट कोर्ट-3 में फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमानत देने वाले आरोपी को भूपालपुरा थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी RC और आधार कार्ड लेकर जमानतदार के रूप में पहुंचा था। कोर्ट में पेशी के दौरान उसके दस्तावेजों और पहचान पर शक हुआ, जिसके बाद जांच की गई। मामला सामने आते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। दरअसल, आरोपी कोर्ट में जब जमानत देने पहुंचा तो जज सहित अन्य स्टाफ को आरोपी द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों पर संदेह हुआ। जांच में उसके दस्तावेज फर्जी पाए जाने की आशंका पर पुलिस द्वारा उसकी जांच करवाई गई। जिसमें कई फर्जी दस्तावेज जब्त किए गए। कोर्ट रीडर श्रवण स्वामी ने इस संबंध में भूपालपुरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस की तलाशी में आरोपी के पास मिले फर्जी डॉक्यूमेंट थानाधिकारी रतन सिंह चारण ने बताया कि आरोपी वसीम खान निवासी भूपालपुरा ने जमानत के दौरान अपनी बेची हुई बाइक की नकली आरसी और आधार कार्ड लगाया था। जिन्हें जब्त कर लिया है। तलाशी के दौरान इससे अन्य डॉक्यूमेंट भी मिले थे। आरोपी को आज कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया। चेक बाउंस केस में जमानत देने आया था आरोपी मामला 1 सितंबर को एनआई एक्ट कोर्ट संख्या-3 का है। जब चेक बाउंस के एक केस में अभियुक्त गोपाललाल रैगर को पेशी के लिए लाया गया था। जिस पर पीठासीन अधिकारी ने जमानत मुचकले पेश करने का आदेश दिया। जमानत देने के लिए वसीम खान ने अपना आधार कार्ड और आरसी कोर्ट के समक्ष पेश किए। कोर्ट को इसके दस्तावेज पर शक हुआ तो उसका वहीं सत्यापन कराया गया। जिसमें पता लगा कि वाहन का रजिस्ट्रेशन और वाहन मालिक का नाम अलग हैं। आरोपी के नाम-पते भी गलत पाए गए। ज​बकि इससे पहले आरोपी कोर्ट को गुमराह करता रहा। मौके पर पुलिस द्वारा आरोपी की तलाशी ली गई तो उसके कब्जे से 2 आरसी, एक ड्राइविंग लाइसेंस, एक आधार कार्ड और पेन कार्ड बरामद किया। फिर पुलिस ने आरोपी के हिरासत में लिया और उससे पूछताछ की गई। जिसके बाद गिरफ्तार किया। पुलिस अब ये पता लगा रही है कि आरोपी ने आधार कार्ड और पेन कार्ड सहित अन्य डॉक्यूमेंट कहां और कैसे एडिट कराए थे। ------------------- ये खबर भी पढ़िए… जयपुर सेशन कोर्ट से फर्जी जमानत देने वाला गिरफ्तार:वकील ने पकड़कर पुलिस को सौंपा, ग्राहक की तलाश में घूम रहा था जयपुर सेशन कोर्ट परिसर में सोमवार को फर्जी जमानत उपलब्ध कराने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बनीपार्क स्थित सेशन कोर्ट में एडवोकेट मिनार्क जैन ने ही उसे पकड़ कर पुलिस को सौंपा है। उन्होंने सदर थाना पुलिस को फर्जी जमानत के मामले में एफआईआर दर्ज करवाई है। भास्कर ने दो दिन पहले फर्जी जमानत के खेल का पर्दाफाश किया था। (पूरी खबर पढ़ें…)