ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म की आड़ में सट्टेबाजी का नेटवर्क संचालित कर करोड़ों रुपए का संदिग्ध लेन-देन करने वाले गिरोह का जयपुर वेस्ट पुलिस ने खुलासा किया है। करणी विहार थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 19 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया है। जांच में गिरोह से जुड़े 50 से अधिक बैंक खाते और 35 से ज्यादा यूपीआई आईडी सामने आई हैं, जिन्हें ब्लॉक करवाया गया है। इन खातों में करोड़ों रुपए का संदिग्ध लेन-देन मिला है। पुलिस ने करीब 5 लाख रुपए की राशि फ्रीज करवाने के साथ 3200 यूएसडीटी भी ब्लॉक करवाए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी में सुरेंद्र और राजेश की अहम भूमिका रही है। अदिति उपाध्याय ने बताया कि आरोपी ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी की वेबसाइटों के पैनल खरीदकर उनका संचालन करते थे। ऑनलाइन सट्टे का मास्टर आईडी से नेटवर्क शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी खुद भी इन वेबसाइटों का संचालन कर रहे थे। उनके पास एक मास्टर आईडी मिली है, जिसके माध्यम से ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क चलाया जा रहा था। अलग-अलग ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को सट्टा खिलाया जाता था। जांच में सामने आया कि आरोपी सट्टेबाजी से मिलने वाली रकम के लेन-देन के लिए अलग-अलग बैंक खातों, यूपीआई आईडी और यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट का इस्तेमाल करते थे। पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े 50 से अधिक बैंक खातों और 35 से अधिक यूपीआई आईडी की पहचान कर उन्हें ब्लॉक करवाया है। इन खातों में करोड़ों रुपए का संदिग्ध वित्तीय लेन-देन सामने आया है। खातों में उपलब्ध करीब 5 लाख रुपए फ्रीज करवाए गए हैं। इसके अलावा 3200 यूएसडीटी ब्लॉक करवाए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 3.50 लाख रुपए बताई गई है। पैनल उपलब्ध कराने वालों की भूमिका भी जांच के दायरे में पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप, मास्टर आईडी, बैंक खातों, UPI ID और USDT वॉलेट का तकनीकी विश्लेषण कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी के पैनल उपलब्ध कराने वाले कौन लोग हैं और इस नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन में अन्य किन लोगों की भूमिका है। पुलिस के अनुसार, नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। अजमेर और बालोतरा के रहने वाले आरोपी भी गिरफ्तार डीसीपी प्रशांत किरण ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वैंकेद्र यादव (31), निवासी मदनगंज-किशनगढ़, अजमेर; मुकेश गुर्जर (27), रमेश कुमार (22), रमेश कुमार (26) और लक्ष्मण कुमार (25), निवासी बालोतरा तथा शैलेन्द्र शर्मा (26) और रोहित मेघवाल (23), निवासी मदनगंज-किशनगढ़, अजमेर के रूप में की है।