पचेवर| ग्रामीण विकास शोध एवं तकनीकी केंद्र परिसर में बाल विवाह एवं लैंगिक भेदभाव के खिलाफ किशोरी बालिकाओं के लिए एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें मालपुरा ब्लॉक के चावड़िया, कचोलिया, सोटवारा, राजपुरा एवं हाथकी गांवों की 60 किशोरियों ने भाग लिया। उन्होंने बालिका अधिकारों और सामाजिक समानता से जुड़े मुद्दों पर जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में दिनेश पुरी ने बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शिक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने आत्मनिर्भर बनने के लिए भी प्रेरित किया। वहीं दिल्ली से आए संदर्भ व्यक्ति अस्मिता एवं निलेश प्रवाह ने जेंडर संवेदनशीलता, लैंगिक समानता, भेदभाव के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी। उन्होंने बाल विवाह के दुष्परिणाम बताए। उन्होंने बालक-बालिकाओं को समान अवसर देने पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की बात कही। कार्यशाला में बालिकाओं को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया। किसी भी तरह के भेदभाव का सामना होने पर आवाज उठाने के लिए भी प्रेरित किया गया। इस दौरान आत्मविश्वास, समान अधिकार, सामाजिक भागीदारी को लेकर भी चर्चा की गई।