भास्कर न्यूज | बाड़मेर नगरपरिषद क्षेत्र में बदहाल सड़कों को सुचारू करने के लिए मुख्यमंत्री बजट घोषणा में बाड़मेर नगरपरिषद क्षेत्र के लिए 20 करोड़ रुपए की घोषणा की गई थी। जिसके चलते नगरपरिषद ने पूरे बाड़मेर क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़कों को चिह्नित कर उन्हें पांच जोन में बांटा गया था। इसके साथ ही बजट आने से पहले ही नगरपरिषद के अधिकारियों ने इस संबंध में टेंडर की प्रक्रिया को पूर्ण कर ठेकेदारों को वर्कऑर्डर भी दे दिए थे। वहीं समय पर कार्य पूर्ण करने की दौड़ में कई ठेकेदारों ने जेब से पैसे खर्च कर कार्य को शुरू कर दिया था। लेकिन सरकार द्वारा समय पर बजट नहीं देने के कारण ठेकेदारों ने शुरू किए गए कार्य को रोक दिया। नगरपरिषद में बोर्ड के बदलने के साथ ही फिर से ठेकेदारों द्वारा सड़कों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। इन सड़कों में स्वीकृत सीसी रोड़ों को ठेकेदारों द्वारा पूर्ण किया जा रहा है। गांधी नगर में सात साल बाद इन क्षतिग्रस्त सड़कों के पुन: निर्माण के साथ ही आमजन ने भी राहत की सांस ली है। लंबे समय से गांधी नगर की सड़कें नगरपरिषद की उपेक्षा का दंश झेल रही थी। क्षतिग्रस्त सड़कों पर काफी बड़े बड़े गड्ढे हो गए थे तथा सड़क कई जगहों से टूट गई। जिसके कारण सड़क पर वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन हाल ही में शुरू हुए इस सीसी रोड निर्माण कार्य के कारण 7 साल से क्षतिग्रस्त सड़कें पुन: सुधरने लगी है। 7 साल बाद गांधी नगर की स्वीकृत पांच सड़कों में से 2 सीसी सड़कों का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। वहीं अन्य 3 सड़कों का खुदाई कार्य किया गया है तथा उस पर निर्माण सामग्री डालकर ठेकेदार द्वारा उन्हें भी दीपावली से पहले पूर्ण करने का प्रयास कर रहे हैं। ^मुख्यमंत्री बजट घोषणा में स्वीकृत सड़कों के निर्माण कार्य के दौरान डामरीकृत सड़कों के निर्माण में परेशानी आ रही है। लेकिन सीसी रोड का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया गया है। - विवेक व्यास, आयुक्त, नगरपरिषद बाड़मेर