भारतीय वायुसेना के प्रमुख का पदभार संभालने के बाद एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित रविवार को अपने पहले दौरे पर राजस्थान में बाड़मेर के वायुसेना स्टेशन उतरलाई पहुंचे। भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित इस एयरबेस के दौरे के दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था और ऑपरेशनल तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने एयरबेस की क्षमताओं, परिचालन तैयारियों और निर्धारित सैन्य अभियानों को अंजाम देने की क्षमताओं का भी आकलन किया। उतरलाई एयरबेस पर साल 2013 में एयर कमोडोर रहे थे जानकारी के अनुसार, यह दौरा एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित के लिए खास महत्व रखता है, क्योंकि उतरलाई एयरबेस उनके लिए नया नहीं है। वर्ष 2013 में एयर कमोडोर के पद पर रहते हुए उन्होंने इसी एयरबेस के एयर ऑफिसर कमांडिंग (एओसी) के रूप में कमान संभाली थी। एक दशक से अधिक समय बाद उसी स्टेशन पर उनकी वापसी हुई, लेकिन इस बार वे भारतीय वायुसेना के सर्वोच्च पद पर आसीन होकर पहुंचे। दौरे के दौरान एयर चीफ मार्शल दीक्षित ने एयरबेस की परिचालन क्षमताओं, सुरक्षा व्यवस्था और समग्र तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्धारित मिशनों को पूरा करने और उभरती परिचालन जरूरतों के अनुरूप तत्काल कार्रवाई करने की स्टेशन की क्षमता का आकलन किया। इस दौरान सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस अग्रिम एयरबेस पर तैनात जवानों, अधिकारियों और उपलब्ध बुनियादी ढांचे की तैयारियों पर भी ध्यान दिया गया। एयर चीफ मार्शल ने महिला अग्निवायु सहित अग्निवायु कर्मियों से भी बातचीत कीं। उन्होंने वायुसेना की युद्धक क्षमता और परिचालन प्रभावशीलता को मजबूत बनाने में युवा कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वायुसेना की क्षमताओं को बढ़ाने में युवा साथियों का योगदान अहम है।