अजमेर नगर निगम में विशेष साधारण सभा बुलाने की मांग को लेकर विवाद गहरा गया है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षदों के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को कमिश्नर गौरव बुढ़ानिया से मुलाकात की। पार्षदों ने विशेष साधारण सभा नहीं बुलाने पर विरोध जताते हुए कमिश्नर को लीगल नोटिस सौंपा। कांग्रेस ने राजस्थान नगरपालिका अधिनियम की धारा 51 का हवाला देते हुए बैठक बुलाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि मांग पर कार्रवाई नहीं होने पर कानूनी लड़ाई आगे बढ़ाई जाएगी। पहली बैठक से ही बना हुआ है विवाद नगर निगम चुनाव के बाद पार्षदों की पहली बैठक से ही विवाद की स्थिति बनी हुई है। कांग्रेस पार्षदों ने निगम की ओर से गठित कमेटियों में प्रतिनिधित्व नहीं देने और भाजपा पार्षद पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने के आरोप लगाए थे। इसके बाद कांग्रेस पार्षदों ने निगम के कार्यक्रमों का बहिष्कार कर दिया था। कांग्रेस पार्षद तब से महापौर और कमिश्नर से विशेष साधारण सभा बुलाने की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि ज्ञापन देने के बावजूद बैठक बुलाने के लिए कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद अब लीगल नोटिस के जरिए निगम प्रशासन पर दबाव बनाया गया है। कांग्रेस ने धारा 51 का दिया हवाला कांग्रेस लीगल एडवाइजर और महासचिव विवेक पाराशर ने कहा- राजस्थान नगरपालिका अधिनियम की धारा 51 के तहत एक-तिहाई से अधिक पार्षदों की मांग पर विशेष बैठक बुलाने का प्रावधान है। उनके अनुसार यदि महापौर 7 दिन में बैठक नहीं बुलाते हैं तो आयुक्त को बैठक बुलानी होती है। पाराशर ने बताया- कांग्रेस ने 9 तारीख को महापौर और 16 तारीख को आयुक्त से बैठक बुलाने की मांग की थी। इसके बावजूद सभा नहीं बुलाने पर डॉ. जयपाल के नेतृत्व में लीगल नोटिस दिया गया है।