जालोर जिले की उम्मेदाबाद पंचायत समिति की आलासन ग्राम पंचायत में सरपंच चुनाव की मतगणना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सरपंच प्रत्याशी प्रकाश कंवर के पति करण सिंह जैथावत पिछले 5 दिनों से ग्रामीणों के साथ जिला कलेक्ट्रेट के सामने भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उन्होंने रिटर्निंग अधिकारी (आरओ) और एक भाजपा नेता पर मिलीभगत कर मतगणना में गड़बड़ी करने और उनकी पत्नी को जीता हुआ चुनाव हराने का आरोप लगाया है। उनकी मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर दोबारा मतगणना कराई जाए। करण सिंह के अनुसार, आलासन ग्राम पंचायत में दूसरे चरण के तहत 30 अक्टूबर को सरपंच पद के लिए मतदान हुआ था। इसमें रकमा देवी पत्नी जोगराज राजपुरोहित और प्रकाश कंवर पत्नी करण सिंह राजपूत आमने-सामने थीं। चुनाव के बाद रात 8 बजे मतगणना शुरू हुई। रात करीब 2 बजे पहली मतगणना पूरी होने पर प्रकाश कंवर को 13 वोट से विजयी घोषित किया गया। इसके बाद रकमा देवी पक्ष की ओर से दोबारा मतगणना की मांग की गई। रात करीब 3 बजे दूसरी बार मतगणना हुई, जिसमें भी प्रकाश कंवर को 2 वोट से विजयी घोषित किया गया। करण सिंह का आरोप है कि इसके बाद पुलिस ने प्रकाश कंवर को घर से मतदान केंद्र बुलाने के लिए सूचना दी और बताया कि वह दो वोट से जीत चुकी हैं। इसी बीच रकमा देवी पक्ष ने फिर से मतगणना की मांग कर दी। रात करीब 4 बजे तीसरी बार मतगणना की गई, जिसमें रकमा देवी को 1294 वोट मिलने पर एक वोट से विजयी घोषित कर दिया गया। इसके बाद प्रकाश कंवर पक्ष ने भी फिर मतगणना की मांग की, लेकिन उनकी मांग नहीं सुनी गई। भाजपा नेता पर एजेंट को धमकाने का आरोप करण सिंह ने आरोप लगाया कि तीसरी बार मतगणना के दौरान सुबह करीब 4 से 4:30 बजे के बीच भाजपा नेता पुखराज राजपुरोहित बूथ के अंदर पहुंचे और प्रकाश कंवर के मतगणना एजेंट चौपाराम पर जीत के रजिस्टर में हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया। एजेंट ने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। करण सिंह के अनुसार, सुबह 11 बजे तक आरओ की ओर से कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की गई। इस दौरान लगातार दबाव और तबीयत बिगड़ने के कारण चौपाराम बाहर जाना चाहता था, लेकिन उसे हस्ताक्षर किए बिना बाहर नहीं जाने दिया गया। आरोप है कि बेहोशी की हालत में उससे हस्ताक्षर करवाए गए। बाहर निकलते समय वह स्कूल परिसर में दो बार बेहोश होकर गिर गया। बाद में पुलिस उसे अस्पताल लेकर गई, जहां भर्ती कराया गया। 3127 की जगह 3125 मत मिलने का आरोप करण सिंह ने आरोप लगाया कि तीसरी बार मतगणना के दौरान जालोर से पहुंचे तहसीलदार और नायब तहसीलदार की मौजूदगी में 165 खारिज मतपत्रों में से 6 मत दोबारा शामिल किए गए, जिससे रकमा देवी को एक वोट से विजयी घोषित किया गया। उन्होंने मतगणना में दो मतपत्र कम मिलने का भी आरोप लगाया। करण सिंह के अनुसार, मतदान में कुल 3127 वोट दर्ज किए गए थे, जबकि तीसरी बार मतगणना में केवल 3125 मतपत्र मिले। इसी अंतर को लेकर उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी को शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और दोबारा मतगणना की मांग की है। 5 दिन से कलेक्ट्रेट के सामने धरना जारी मतगणना के बाद मतदान केंद्र के बाहर दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने हो गए थे। किसी तरह की अनहोनी की आशंका के चलते करण सिंह अपने समर्थकों के साथ आलासन से जालोर जिला मुख्यालय पहुंच गए। यहां जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के बाद उन्होंने भूख हड़ताल शुरू कर दी। पिछले 5 दिनों से उनके साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण भी धरने पर बैठे हैं। धरनास्थल पर ही ग्रामीण रोजाना भोजन तैयार कर रहे हैं। करणी सेना ने दिया समर्थन, आंदोलन की चेतावनी मामले में करणी सेना जोधपुर संभाग अध्यक्ष मनमोहन सिंह ने जालोर पहुंचकर धरने को समर्थन दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जीत की घोषणा के बाद दबाव बनाकर प्रकाश कंवर को हराया गया। उन्होंने प्रशासन से दोबारा मतगणना करवाने की मांग करते हुए ऐसा नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। मतगणना के दिन कानून व्यवस्था के लिए आलासन मौके पर पहुंचे जालोर तहसीलदार अर्जुनसिंह चौहान ने बताया कि एक बार मतगणना और दूसरी बार फिर मतगणना हुई है और नहीं कोई मत गायब हुए हैं। खारिज मतों को भी नहीं मिलाया गया। जिसका पुरा रिकार्ड बना हुआ हैं।