अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली में बादल फटने और भूस्खलन की घटना में लापता हुए अलवर के अग्निवीर समुद्र गुर्जर की अस्थियां आज अलवर पहुंचीं। इटाराणा स्थित सेना कैंप से अग्निवीर की अस्थियां उनके पैतृक गांव केसरपुर ले जाई जा रही हैं। इस दौरान गांव में हजारों की संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग मौजूद हैं। अपने गांव के बेटे को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे हैं। समुद्र गुर्जर (24) दो बहनों के इकलौते भाई थे। उनके पिता बदली गुर्जर किसान हैं। समुद्र की शादी भी नहीं हुई थी। रक्षाबंधन से पहले छुट्टी लेकर घर आने की तैयारी थी, लेकिन इससे पहले ही अरुणाचल प्रदेश में 14 अगस्त 2026 को बादल फटने और अचानक आई बाढ़ के बाद हुए भूस्खलन में वह लापता हो गए थे। हादसे में सेना के सात जवान लापता हुए थे, जिनमें दो जवानों को रेस्क्यू कर लिया गया था। समुद्र के लापता होने की सूचना के बाद से ही परिवार को उनके लौटने की उम्मीद थी। अब उनकी अस्थियां गांव पहुंचने पर परिवार में शोक की लहर है। माता-पिता और दोनों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक का माहौल है और लोग नम आंखों से अग्निवीर को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंच रहे हैं।