अलवर के औद्योगिक क्षेत्र MIA स्थित हैवेल्स फैक्ट्री में दिवाली से ठीक चार दिन पहले मंगलवार को करीब 600 से ज्यादा मजदूर और कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। कंपनी प्रबंधन के शोषण के खिलाफ अस्थाई कर्मचारियों ने काम बंद कर हंगामा किया है। दिवाली गिफ्ट में कटोरी-चम्मच देने पर भड़के कर्मचारियों का मुख्य गुस्सा दिवाली पर मिले 'तोहफे' और बोनस नहीं देने पर फूटा। प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का कहना था कि दिन-रात 12-12 घंटे हाड़-तोड़ मेहनत कराने के बाद भी दिवाली के नाम पर प्रबंधन की ओर से केवल कटोरी, चम्मच और थाली थमा दी गई। बोनस तक नहीं दिया गया। 'हमारे घर में पहले से बर्तन हैं, हमें हक चाहिए' भड़के कर्मचारियों ने कहा, "कटोरी-थाली तो हमारे घरों में पहले से मौजूद हैं। दिवाली का त्यौहार है, लेकिन न तो बोनस दिया जाता है और न ही ढंग की मिठाई। प्रबंधन दिवाली गिफ्ट देने में भी कंजूसी की हदें पार कर रहा है।" एक हाजिरी कम हुई तो कटेगा 2 दिन का वेतन कर्मचारियों ने फैक्ट्री में चल रही सैलरी कटौती की नीतियों पर भी गंभीर आरोप लगाए। मजदूरों ने बताया कि: अगर कोई कर्मचारी ड्यूटी पर महज 1 घंटे देर से आता है, तो उसकी सीधी सैलरी काट ली जाती है। एक दिन की हाजिरी कम होने पर सीधे 2 दिन का वेतन काट लिया जाता है। नियम 8 घंटे की शिफ्ट का है, लेकिन प्रबंधन जबरन 12-12 घंटे काम करवाता है। 'अब 8 घंटे ही करेंगे ड्यूटी' प्रबंधन के इस रवैये से परेशान कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अब वे किसी भी सूरत में शोषण बर्दाश्त नहीं करेंगे। मजदूरों ने ऐलान किया कि अब वे नियम के मुताबिक केवल 8 घंटे ही ड्यूटी करेंगे और दिवाली बोनस व अन्य कटौती को लेकर अपना विरोध जारी रखेंगे। वहीं हैवल्स के एचआर मैनेजर शक्ति सिंह का कहना है कि हम कर्मचारियों से समझाइश का प्रयास कर रहे हैं। मुख्य रूप से बोनस का मामला है। कंपनी के बड़े स्तर पर बातचीत चल रही है। जल्दी समाधान निकालेंगे।