अलवर में बुधवार को नगर निगम द्वारा हॉप सर्कस और घंटाघर के पास दुकानों के आगे रखे सामान को हटाने और चालान काटने की कार्रवाई की गई। कार्रवाई से गुस्से में आए दुकानदारों ने नगर निगम ऑफिस के बाहर धरना दे दिया। इससे पहले नगर निगम ने सड़क किनारे थड़ी-पटरी लगाकर सामान बेचने वालों को हटाया था। व्यापारी करीब 30 मिनट तक निगम गेट के सामने धरने पर बैठे रहे। इसके बाद निगम अधिकारियों और व्यापारियों के बीच बातचीत हुई। दोनों पक्षों में कुछ शर्तों पर सहमति बनने के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। 2100 रुपए के चालान काटने पर जताई नाराजगी जिला व्यापार महासंघ के जिलाध्यक्ष रमेश जुनेजा ने कहा कि नगर निगम ने दुकानदारों के 2100 रुपए के चालान काटे हैं और उनका सामान भी दुकानों के अंदर करवाया है। उन्होंने कहा कि पहले निगम ने सड़क पर दुकान लगाने वाले छोटे व्यापारियों को हटाया था। उस समय व्यापारियों ने निगम का सहयोग किया और विरोध नहीं किया, लेकिन अब दुकानों के अंदर तक कार्रवाई की जा रही है। जुनेजा ने नाराजगी जताते हुए कहा कि चालान काटने और सामान हटाने का तरीका ठीक नहीं है। रसीदें काटकर और सामान उठाकर व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर इसी तरह कार्रवाई करनी है तो हमारी दुकानें भी बंद करवा दो और खूब दिवाली मनाओ। बरामदे में सामान रखने की मिली छूट, दो फीट जगह छोड़नी होगी जिला व्यापार महासंघ के अध्यक्ष रमेश जुनेजा ने कहा कि निगम से बातचीक के बाद अब हॉप सर्कस के सामने दुकानदार बरामदे में अपना सामान रख सकेंगे, लेकिन आने-जाने वाले लोगों के लिए करीब दो फीट जगह छोड़नी होगी। सड़क पर कोई भी दुकानदार सामान नहीं रखेगा। इन शर्तों का पालन करने पर नगर निगम चालान नहीं काटेगा।