नवंबर की शुरुआत के साथ ही अलवर का मौसम बदलने लगा है। जहां सुबह-शाम गुलाबी ठंड ने दस्तखत दे दी है, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली-एनसीआर से सटे इस जिले की हवा में प्रदूषण का जहर तेजी से घुलने लगा है। मौसम विभाग और पर्यावरण विशेषज्ञों की मानें तो दिवाली तक अलवर में मौसम तो साफ रहेगा, लेकिन प्रदूषण ज्यादा रहेगा। अलवर में AQI 250 को पार कर चुका है। गुरुवार सुबह से ही शहर में आसमान साफ है और दिन में तीखी धूप खिलने के आसार हैं, लेकिन शाम ढलते ही हल्की सिहरन(गुलाबी ठंड) महसूस होने लगी है। मौसम का यह पैटर्न दिवाली तक बना रहेगा। मौसम का मिजाज: सुबह अलाव तो दोपहर में छूट रहे पसीने बुधवार सुबह शहर का न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहरी इलाकों के मुकाबले ग्रामीण और खुले क्षेत्रों में ठंड का असर ज्यादा देखा जा रहा है। सुबह तड़के खेतों का रुख करने वाले किसानों को अब गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है और कई जगह अलाव सिकने लगे हैं। दिन में 31 डिग्री तक पहुंचेगा पारा: सुबह 8 बजे के बाद जैसे ही सूरज की किरणें तेज होती हैं, ठंड का असर गायब हो जाता है। दोपहर में अधिकतम तापमान 30 से 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे दिन में हल्की गर्मी महसूस हो रही है। चिंताजनक: AQI की रफ्तार बढ़ा रही धड़कनें मौसम विभाग के अनुसार, 9 नवंबर तक आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा और बारिश की कोई संभावना नहीं है। लेकिन मौसम साफ रहने के बावजूद अलवर वासियों के लिए दिवाली की राह आसान नहीं होगी। दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण का सीधा असर अलवर पर देखने को मिल रहा है। हवा की गति धीमी पड़ने और तापमान में गिरावट के कारण प्रदूषक तत्व हवा में नीचे ही जम रहे हैं। जिस तेजी से AQI बढ़ रहा है, उससे साफ है कि दिवाली आते-आते अलवर की हवा 'खराब' से 'बेहद गंभीर' श्रेणी में पहुंच सकती है।