खान एवं भूविज्ञान विभाग की ओर से टेंडर जारी करने की प्रक्रिया में बड़ी तकनीकी खामी सामने आई है। विभाग की वेबसाइट पर 27 अक्टूबर को जारी टेंडर में वर्तमान निविदा से संबंधित दस्तावेजों के बजाय करीब आठ साल पुराना टेंडर नोटिस अपलोड कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि इस पुराने दस्तावेज में ऐसे अधिकारी का नाम भी दर्ज है, जो चार साल पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं। ऐसे में विभाग की कार्यप्रणाली और टेंडर दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। विभाग की वेबसाइट पर टेंडर/ईओआई नंबर 03/2026-27 के नाम से 27 अक्टूबर को टेंडर जारी किया गया है। लेकिन जब इस टेंडर को खोलकर देखा गया तो इसमें 17 जनवरी 2018 को जारी ई-टेंडर नोटिस नंबर 12/2017-18 अपलोड मिला। यह टेंडर ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (जीएनएसएस) से संबंधित है। इसमें 30 सिस्टम खरीदने के लिए 2.50 करोड़ रुपए का टेंडर किया गया है। खामी: 27 अक्टूबर 2026 को जारी टेंडर में 2018 के दस्तावेज खान विभाग की वेबसाइट पर 27 अक्टूबर को जारी टेंडर। टेंडर में 17 जनवरी 2018 को जारी ई-टेंडर नोटिस नंबर 12/2017-18 अपलोड मिला। इस दस्तावेज में टेंडर जारी करने वाले आदेश पर अतिरिक्त खान निदेशक, माइंस मुख्यालय एनके कोठारी के हस्ताक्षर और नाम दर्ज हैं। जबकि एनके कोठारी 30 सितंबर 2022 को ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं। ऐसे में सवाल यह है कि 27 अक्टूबर 2026 को जारी नए टेंडर के साथ वर्ष 2018 का दस्तावेज कैसे अपलोड हो गया? क्या टेंडर जारी करने से पहले दस्तावेजों की जांच नहीं की गई? अतिरिक्त निदेशक बोलीं: पता करके बताते हैं गड़बड़ी कैसे हुई? इस संबंध में खान विभाग की अतिरिक्त निदेशक (आईटी) शीतल अग्रवाल से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने कहा कि पता करके बताती हूं कि यह गड़बड़ी कैसे हुई। हालांकि, इसके बाद उनकी ओर से इस मामले में कोई जानकारी नहीं दी गई। अब यह सवाल उठ रहा है कि विभाग की वेबसाइट पर इतनी बड़ी तकनीकी चूक कैसे हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।