राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार ट्रांसफार्मेटिव ट्यूजडे के अंतर्गत नवंबर माह की थीम अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाओ, अपनी सुरक्षा के लिए मजबूती से खड़े रहो। जहां शिक्षा होती है, वहां कोई बच्चा असुरक्षित नहीं होना चाहिए पर जिला एवं तालुका स्तर के स्कूलों में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में सचिव ललित पुरोहित, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता मदनसिंह, मयंक व्यास तथा पीएलवी विक्की, अनिल कुमार, कैलाश कुमार, पदमसिंह, गुलाब कंवर, अभिषेक, मनीषा, पुष्पा और प्रेमी ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि बच्चे सुरक्षित व न्यायपूर्ण समाज की आधारशिला हैं। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षित स्कूल भवन, शौचालय, पेयजल और खेल मैदान बच्चों का अधिकार है। स्कूल सुरक्षा मानकों का उल्लंघन होने पर विधिक सेवा प्राधिकरण निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराता है। बच्चों को नशे, मृत्युभोज, बाल विवाह और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने के लिए जागरूक किया गया। अप्रिय घटना होने पर बच्चे 1098 चाइल्ड लाइन अथवा नालसा की 15100 हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं। बाल श्रम की सूचना शिक्षक व पुलिस को दी जा सकती है या स्कूलों में लगे दीदी का बक्सा में गुप्त शिकायत डाली जा सकती है, जिस पर प्राधिकरण त्वरित कार्रवाई करेगा।