बांसवाड़ा जिले की चार पंचायत समितियों में पंचायतीराज चुनाव के दूसरे चरण का मतदान शुक्रवार को पूरा हुआ। 139 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के नतीजे सामने आ गए हैं। तलवाड़ा और गनोड़ा पंचायत समिति में मां-बेटी ने अपनी-अपनी पंचायत से जीत दर्ज की। वहीं, घाटोल में CHO की नौकरी छोड़कर चुनाव लड़ने वाले अमृत निनामा ने 3,725 वोटों से जीत हासिल की। दूसरी ओर, पूर्व विधायक की पत्नी छठे स्थान पर रहीं और BAP जिलाध्यक्ष की पत्नी को भी हार का सामना करना पड़ा। मां-बेटी की जोड़ी ने फिर हासिल की जीत चुनाव नतीजों में तलवाड़ा और गनोड़ा पंचायत समिति की दो पंचायतों की चर्चा रही। यहां मां और बेटी दोनों ने सरपंच पद पर जीत दर्ज की है। तलवाड़ा पंचायत समिति की वांका ग्राम पंचायत से संतु देवी सरपंच निर्वाचित हुई हैं। वहीं, गनोड़ा पंचायत समिति की बड़लिया ग्राम पंचायत से उनकी बेटी रेखा कटारा पत्नी अर्जुन कटारा ने 424 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। इससे पहले वर्ष 2015 में भी रेखा कटारा बड़लिया और संतु देवी वांका से सरपंच रह चुकी हैं। हालांकि, 2020 के चुनाव में दोनों को हार का सामना करना पड़ा था। इस बार मतदाताओं ने फिर दोनों पर भरोसा जताया है। CHO की नौकरी छोड़कर चुनाव लड़े, 3,725 वोटों से जीते दूसरे चरण में घाटोल ग्राम पंचायत का चुनाव भी चर्चा में रहा। यहां अमृत निनामा ने 3,725 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। वे गनोड़ा के दुकवाड़ा में संविदा पर CHO (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) के पद पर कार्यरत थे। चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी। अमृत निनामा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को बड़े अंतर से हराकर सरपंच पद पर जीत हासिल की। घाटोल ग्राम पंचायत में करीब 9 हजार से ज्यादा मतदाता थे। पूर्व विधायक की पत्नी छठे स्थान पर रहीं चुनाव में कुछ बड़े राजनीतिक चेहरों के परिवारों को हार का सामना करना पड़ा। घाटोल के पूर्व विधायक हरेंद्र निनामा की पत्नी कन्या कुमारी ओड़वाडिया ग्राम पंचायत से चुनाव लड़ रही थीं। वे मुकाबले में छठे स्थान पर रहीं। वहीं, गनोड़ा पंचायत समिति की बोरदा ग्राम पंचायत में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के जिलाध्यक्ष प्रभुलाल बुझ की पत्नी मनीषा को भी हार मिली। उन्हें सुगना खराड़ी ने 213 वोटों के अंतर से हराया। बांसवाड़ा-डूंगरपुर के पूर्व सांसद मानशंकर निनामा की पुत्रवधु लक्ष्मी देवी कानजी का गढ़ा पंचायत में सरपंच का चुनाव भी हारी। चारों पंचायत समितियों में शांतिपूर्ण रहा मतदान प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार जिले की चारों पंचायत समितियों में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए मतदान केंद्रों पर पुलिस बल तैनात किया गया था। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद विजयी प्रत्याशियों के समर्थकों ने आतिशबाजी की और गुलाल उड़ाकर जश्न मनाया।