बारां जिले के राजकीय और उपजिला चिकित्सालयों में काम कर रहीं यशोदा कार्यकर्ताओं ने सेवाएं जारी रखने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने बताया कि बारां, छबड़ा, केलवाड़ा और अंता के चिकित्सालयों में उनकी सेवाएं 31 अक्टूबर 2026 से खत्म करने के आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इससे उनके परिवारों पर आर्थिक संकट आ सकता है। ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे लंबे समय से प्रसूताओं और नवजात शिशुओं की देखभाल में सहयोग कर रही हैं। मिशन निदेशक, एनएचएम जयपुर के 23 अक्टूबर 2026 के निर्देश के अनुसार, यशोदा कार्यकर्ताओं को आरएमआरएस से रखने को कहा गया है। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर वित्तीय और प्रशासनिक मंजूरी नहीं होने का हवाला देकर उनकी सेवाएं खत्म की जा रही हैं। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि वित्तीय मंजूरी में देरी होने पर भी सेवाएं जारी रखी जाएं और भुगतान चिकित्सालय के आरएमआरएस मद से किया जाए। उन्होंने कहा कि वे गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से हैं। सेवाएं जारी रहने से उन्हें आर्थिक और मानसिक राहत मिलेगी। मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने सामूहिक आत्महत्या की चेतावनी दी।