बाड़मेर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स से रैगिंग की गई। ‘व्हाइट हाउस’ (सफेद रंग का कमरा) में जूनियर स्टूडेंट्स के बाल काटे गए। इंट्रोडक्शन मांगने, सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेंट डालने और वॉट्सएप चैट में गालियां लिखने की बात सामने आई है। मामले में एंटी रैगिंग कमेटी की जांच के बाद 30 अक्टूबर को 15 छात्राओं समेत 80 सीनियर स्टूडेंट के खिलाफ कार्रवाई की। 13 स्टूडेंट को हॉस्टल से निकाल दिया, जबकि अन्य के खिलाफ क्लास और कल्चरल एक्टिविटी से प्रतिबंध सहित अलग-अलग कार्रवाई की गई। नेशनल हेल्थ कमीशन की ओर से रिपोर्ट मांगे जाने पर कॉलेज प्रशासन ने 29 अक्टूबर को जांच रिपोर्ट सौंप दी। प्रिंसिपल बोले- जूनियर्स से मारपीट नहीं हुई कॉलेज प्रिंसिपल अनूप सिंह गुर्जर ने बताया- कॉलेज प्रशासन ने सभी संबंधित स्टूडेंट के मोबाइल जब्त कर चैट और वीडियो की जांच की। वॉट्सएप चैट में सीनियर स्टूडेंट जूनियर से इंट्रोडक्शन मांग रहे थे। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक कंटेंट डाला गया था और गालियां भी लिखी हुई थीं। जूनियर स्टूडेंट से मारपीट नहीं हुई। कमेटी ने जूनियर स्टूडेंट्स से बात की दरअसल, मेडिकल कॉलेज प्रशासन को रैगिंग की शिकायत मिली थी। इसके बाद कमेटी ने शिकायतों की एक-एक बात की जांच की और जूनियर स्टूडेंट से बातचीत की। कमेटी ने जूनियर और सीनियर स्टूडेंट के मोबाइल जब्त कर उनकी वॉट्सएप चैट सहित अन्य सामग्री की जांच की। इस दौरान मोबाइल में आपत्तिजनक और अश्लील चैट भी मिली। 13 स्टूडेंट को हमेशा के लिए हॉस्टल से निकाला प्रिंसिपल अनूप सिंह गुर्जर ने बताया- जांच प्रक्रिया में 3 से 4 घंटे लगे। 80 सीनियर स्टूडेंट के खिलाफ कार्रवाई की गई है। 6 स्टूडेंट्स को हॉस्टल से निकाल दिया गया है। 60 दिन के लिए एजुकेशनल एक्टिविटी (लेक्चर, प्रैक्टिकल, क्लिनिकल पोस्टिंग, परीक्षा) से बाहर किया गया है। एक साल तक कल्चरल और गेम्स एक्टिविटी में शामिल होने पर भी रोक लगाई गई है। वहीं, 7 स्टूडेंट्स को हॉस्टल से निकालने के साथ ही 30 दिन के लिए एजुकेशनल, गेम्स और कल्चरल एक्टिविटी से बाहर किया गया है। 11 स्टूडेंट्स को 30 दिन के लिए हॉस्टल, 15 दिन के लिए एजुकेशनल और एक साल के लिए कल्चरल व गेम्स एक्टिविटी से बाहर किया गया है। 50 स्टूडेंट्स को चेतावनी देकर 7 दिन के लिए एजुकेशनल एक्टिविटी से बाहर किया गया है। उन्हें एक साल तक कल्चरल और गेम्स एक्टिविटी में शामिल होने से भी रोक दिया गया है। दोबारा शिकायत मिलने पर उन्हें हमेशा के लिए हॉस्टल से निकाल दिया जाएगा। वहीं, 5 स्टूडेंट्स को चेतावनी दी गई है कि दोबारा ऐसी एक्टिविटी में शामिल होने पर उन्हें हॉस्टल और सभी एजुकेशनल एक्टिविटी से बाहर कर दिया जाएगा। इन स्टूडेंट्स के माता-पिता को भी 3 दिन में कॉलेज में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा नहीं करने पर निष्कासन की कार्रवाई की जाएगी। चार जूनियर स्टूडेंट ने उपलब्ध करवाए थे नंबर प्रिंसिपल के अनुसार, चार जूनियर स्टूडेंट ऐसे थे, जिन्होंने नंबर उपलब्ध करवाए और वॉट्सएप ग्रुप बनाए थे। इनमें लंबी चैट हुई थी। जूनियर ने चैट में यह भी कहा था कि सीनियर सिर्फ नाम ही तो मांग रहे हैं। कॉलेज प्रशासन ने इन चारों के पैरेंट्स को बुलाकर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की। ‘व्हाइट हाउस में बाल काटने की बात गलत’ प्रिंसिपल अनूप सिंह गुर्जर ने कहा- व्हाइट हाउस में जूनियर स्टूडेंट के बाल काटने की बात गलत है। व्हाइट हाउस मेडिकल कॉलेज से 2-3 किलोमीटर दूर है। हो सकता है कि कई साल पहले सीनियर स्टूडेंट जूनियर को वहां ले जाते रहे हों, लेकिन इस साल ऐसा कोई घटनाक्रम नहीं हुआ है। कैंपस से 3 KM दूर है ‘व्हाइट हाउस’ जानकारी के अनुसार, कॉलेज कैंपस से करीब 3 किलोमीटर दूर एक कमरा है, जिस पर सफेद रंग से पुताई की गई है। इस जगह को ‘व्हाइट हाउस’ कहा जाता है। आरोप है कि यहीं जूनियर स्टूडेंट को लाकर जबरन उनके बाल काटे गए।