भीलवाड़ा में 72 साल की बुजुर्ग कमला देवी की हत्या और छत पर उनका शव जलाने के मामले में पुलिस को सोमवार को अहम सबूत मिले हैं। पुलिस ने आरोपी के घर की नाली से हड्डियां बरामद की है, जिनकी एफएसएस से जांच करवाई जा रही है। साथ ही पुलिस ने लूटे हुए गहनें भी बरामद किए हैं। भीमगंज थाना प्रभारी सुनील चौधरी, मेडिकल ज्यूरिस्ट डॉ. चेतन सामरा और एफएसएल टीम सोमवार को सुभाष नगर क्षेत्र स्थित घटना स्थल पहुंची, जहां कमला देवी की हत्या हुई थी। टीम ने मकान की नाली की जांच करवाई तो वहां से हड्डियां मिली। पुलिस अब इन हड्डियों का डीएनए परीक्षण करवाएगी, जिसे यह स्पष्ट हो सके कि वे कमला देवी की हैं या नहीं। साथ ही पुलिस ने आरोपी रवि तापड़िया की निशानदेही पर उसके घर से कमला देवी के लूटे गए गहने भी बरामद किए हैं। इनमें सोने की चैन, पेंडेंट, मंगलसूत्र सहित अन्य ज्वेलरी शामिल है। जांच में सामने आया कि रवि ने लूटे गए गहनों में से सोने की तीन चूड़ियां गुलमंडी क्षेत्र के एक सर्राफा कारोबारी को बेच दी थीं। चूड़ी बेचकर मिले 4.28 लाख पुलिस ने बताया कि बेची गई चूड़ियों के बदले उसे 4 लाख 28 हजार रुपए मिले थे। इस रकम से रवि ने करीब 40 दोस्तों के साथ नॉनवेज पार्टी की थी। पूछताछ में सर्राफा कारोबारी ने चूडियां खरीदना और उन्हें गलवा देना कबूल किया है। कारोबारी ने सौदे से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और डॉक्युमेंट्स भी पुलिस को दिए हैं। तकिए से मुंह दबाकर हत्या की बता दें कि 12 अक्टूबर की रात रवि तापड़िया, कमला देवी को सुभाष नगर मकान पर लेकर गया था। वहां उसने बुजुर्ग महिला से उसकी मकान और दुकान अपने नाम करने की मांग की। बुजुर्ग कमला देवी के मना करने ओर पोते के नाम प्रोपर्टी करने की बात सुनकर विवाद बढ़ा और रवि ने तकिए से कमला देवी का मुंह दबाकर हत्या कर दी। उस समय रवि का साथी हीरा सिंधी भी मौजूद था। इसके बाद आरोपियों ने कमला देवी के पहने हुए गहने उतारे और शव को मकान की छत पर ले जाकर जला दिया। दोनों आरोपियों को कल कोर्ट में पेश करेगी पुलिस हत्याकांड में मुख्य आरोपी रवि तापड़िया और हीरा सिंधी पुलिस कस्टडी में हैं, जिन्हें मंगलवार को रिमांड पूरी होने पर कोर्ट में पेश किया जाएगा। तीसरे आरोपी आर्यन उर्फ चूचा को जेल भेजा जा चुका है, जबकि फरार कालू तापड़िया की तलाश जारी है।