भीलवाड़ा के करेड़ा थाना क्षेत्र में साल 2022 में हुए पप्पूराम भील हत्याकांड मे कोर्ट ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को हत्या सहित विभिन्न धाराओं में दोषी मानते हुए कठोर दंड से दंडित किया। जबकि एक दोषी को आर्म्स एक्ट के तहत सजा सुनाई गई है। सेशन कोर्ट के जज अभय कुमार जैन ने मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश साक्ष्य, गवाहों और डॉक्युमेंट्स के आधार पर यह फैसला सुनाया। लोक अभियोजक रघुनन्दन सिंह कानावत ने पैरवी करते हुए 25 गवाहों के बयान और 58 डॉक्युमेंट्स पेश किए। जंगल जाने वाले रास्ते में मिली थी बॉडी करेड़ा सर्कल में 23 जून 2022 को निलवा निवासी पप्पूराम भील (35) पुत्र घीसाराम अपने घर से बाइक लेकर निकला था। शाम करीब 7:30 बजे परिजनों को सूचना मिली कि थाणा से ज्ञानगढ़ जाने वाले रास्ते पर घाटी के पास जंगल में जाने वाले मार्ग पर एक युवक की लाश पड़ी है। सूचना मिलने पर मृतक के चाचा मानाराम भील और परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे। वहां पप्पूराम का शव पड़ा मिला। शरीर पर हथियार से वार के निशान उसके शरीर पर धारदार हथियारों से वार किए जाने के निशान थे। बदमाशों ने युवक के साथ बेरहमी से मारपीट कर उसकी हत्या कर दी थी। घटना के अगले दिन 24 जून 2022 को मृतक के चाचा मानाराम भील ने करेड़ा थाना पुलिस को रिपोर्ट दी। इस आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास कोर्ट ने सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर कालूराम पुत्र मांगूराम निवासी धापड़ा, थाना करेड़ा और जसवंत कुमार उर्फ टीनू पुत्र छोगाराम भील को हत्या सहित विभिन्न अपराधों में दोषी माना। इस मामले में अभियोजन पक्ष ने 25 गवाहों के बयान और 58 डॉक्युमेंट्स पेश किए। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों अभियुक्तों को कठोर सजा सुनाई।