बीकानेर में दिव्यांग बच्चों के हाथों से तैयार दीपक और मोमबत्तियां अब सिर्फ दीपावली तक सीमित नहीं रहेंगी। इनके हुनर को ब्रांड के रूप में पहचान दिलाकर सालभर बाजार में उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है। दिव्यांग सेवा संस्थान की ओर से आयोजित दीपावली मेले में पहुंचे संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा ने बच्चों के बनाए उत्पादों को देखा और उनकी क्रिएटिविटी की सराहना की। उन्होंने संस्थान के संस्थापक और सचिव जेठा राम के सालो से जारी सेवा कार्यों को भी प्रेरणादायक बताया। बच्चों के हुनर को मिले पहचान और बाजार मेले में बच्चों ने अपने हाथों से तैयार रंग-बिरंगे दीपक, मोमबत्तियां और कई तरह के हैंडमेड उत्पाद दिखाए। संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा ने कहा- दिव्यांग बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है। जरूरत उन्हें उचित अवसर, प्रशिक्षण और सम्मानजनक मंच देने की है। समाज को भी उनके बनाए उत्पाद खरीदकर प्रोत्साहित करना चाहिए, ताकि बच्चों का आत्मविश्वास बढ़े। उन्होंने जेठा राम की ओर से बच्चों की शिक्षा, प्रशिक्षण, पुनर्वास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बनते हैं। दीपावली के बाद भी बाजार में मिलेंगे सामान संस्थान की योजना बच्चों के बनाए उत्पादों को स्थायी ब्रांड पहचान दिलाने की है। इसके तहत दीपक, मोमबत्तियां, अगरबत्ती, रुई की बातियां और सजावटी सामान को व्यवस्थित तरीके से बाजार तक पहुंचाया जाएगा। उद्देश्य है कि इन उत्पादों की बिक्री केवल दीपावली के समय तक सीमित न रहे, बल्कि सालभर लोग इन्हें खरीद सकें। इससे बच्चों के हुनर को पहचान मिलेगी और संस्थान को भी आर्थिक मजबूती मिलेगी। उत्पादों की बिक्री से मिलने वाला सहयोग बच्चों के प्रशिक्षण, शिक्षा और पुनर्वास से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में मददगार होगा।