बीकानेर की हवा की क्वालिटी खराब श्रेणी में दर्ज की गई है, जिसने शहरवासियों की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 235 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। पिछले वर्षों में भी सर्दियों के दौरान शहर और आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर बढ़ता रहा है। अब प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने स्थिति को देखते हुए परिवहन विभाग और औद्योगिक इकाइयों को सावधानी बरतने और प्रदूषण पर नियंत्रण के निर्देश देने की तैयारी की है। राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल के बीकानेर रीजनल मैनेजर राजकुमार मीणा ने बताया- वर्तमान में बीकानेर का AQI 235 है। यह खराब श्रेणी में है। मंडल की ओर से परिवहन विभाग को पत्र दिया जा रहा है कि सड़कों पर अधिक धुआं छोड़ने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही औद्योगिक इकाइयों और उन्हें नियंत्रित करने वाले विभागों को भी पत्र लिखा जा रहा है। अधिक धुआं छोड़ने वाली इकाइयों को नोटिस दिए जाएंगे। मंडल की टीमें औद्योगिक क्षेत्रों में निरीक्षण कर रही हैं। खारा इंडस्ट्रियल एरिया में उद्योगों से बढ़ता है प्रदूषण
बीकानेर के खारा औद्योगिक क्षेत्र में प्लास्टर ऑफ पेरिस, जिप्सम क्रशिंग और अन्य औद्योगिक गतिविधियों से निकलने वाली धूल और धुआं स्थानीय वायु गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के समक्ष पेश संयुक्त समिति की रिपोर्ट में भी खारा क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों को वायु प्रदूषण का सोर्स बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, खासकर प्लास्टर ऑफ पेरिस इकाइयों में कच्चे माल की ढुलाई, क्रशिंग, पिसाई और भट्टियों से निकलने वाला धुआं प्रदूषण बढ़ाता है। हालांकि, समिति ने यह भी दर्ज किया कि हवा की दिशा के कारण खारा औद्योगिक क्षेत्र के उत्सर्जन का बीकानेर शहर के मॉनिटरिंग स्टेशन के AQI पर उस समय कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं दिखा था। यानी खारा गांव और औद्योगिक क्षेत्र के आसपास प्रदूषण की समस्या को शहर के AQI से अलग भी समझना जरूरी है। दीपावली पर ग्रीन पटाखे चलाने की अपील
प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने शहरवासियों से दीपावली पर ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल करने की अपील की है। मंडल अधिकारियों का कहना है कि पटाखों से निकलने वाला धुआं भी वायु प्रदूषण बढ़ाता है। ऐसे में कम प्रदूषण वाले विकल्प अपनाकर हवा की गुणवत्ता को और खराब होने से बचाया जा सकता है। पिछली सर्दियों के उपलब्ध रिकॉर्ड में AQI 346 तक पहुंचा था
खारा क्षेत्र और बीकानेर की वायु गुणवत्ता को लेकर एनजीटी में पेश संयुक्त समिति की नवंबर 2024 की रिपोर्ट में 6 से 17 नवंबर के बीच के आंकड़े दर्ज हैं। इस दौरान बीकानेर के केंद्रीय वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन का AQI 6 नवंबर को 204, 7 नवंबर को 205, 12 नवंबर को 249, 13 नवंबर को 295 और 17 नवंबर को 346 दर्ज किया गया था। यानी इस अवधि में AQI 346 तक पहुंचा, जो बहुत खराब श्रेणी है। इसी दौरान खारा गांव में पीएम 10 का स्तर भी कई दिनों तक काफी अधिक दर्ज किया गया। रिपोर्ट में 17 नवंबर को खारा गांव के एक निगरानी स्थल पर पीएम 10 का स्तर 467 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया था। हालांकि वर्तमान में खारा में भी ऐसे हालात नहीं है। यहां भी एक्यूआई 200 के आसपास है। जानिए- क्या होता है AQI AQI यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स हवा में मौजूद प्रदूषण के स्तर को बताने का पैमाना है। इसके जरिए पता चलता है कि किसी शहर की हवा कितनी साफ या दूषित है और इसका लोगों की सेहत पर कितना असर पड़ सकता है। इसमें हवा में मौजूद पीएम 2.5, पीएम 10, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और अन्य प्रदूषकों के स्तर को शामिल किया जाता है। अलग-अलग प्रदूषकों के आंकड़ों के आधार पर इंडेक्स तय होता है।