झुंझुनूं जिले के बिसाऊ तहसील ऑफिस में एक बंद कमरे में पूर्व सांसद की ओर से कर्मचारियों की मीटिंग को लेकर विवाद हो गया है। आरोप है कि पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार ने तहसील ऑफिस के एक कमरे में कुछ कर्मचारियों के साथ बैठक की। मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चुनाव के दौरान सरकारी ऑफिस में सरकारी कर्मचारियों के साथ मीटिंग कैसे की जा सकती है। घटना के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं। एक वीडियो में एक कमरे में कुछ कुर्सियां रखी दिख रही हैं और पूर्व सांसद वहां खड़े होकर फोन पर बात करते नजर आ रहे हैं। दूसरे वीडियो में पूर्व सांसद तहसील कार्यालय से बाहर निकलते दिख रहे हैं, जहां वीडियो बनाते हुए एक व्यक्ति उनसे पूछता है- "क्या मीटिंग, किनकी मीटिंग ली है आपने, क्यों आए थे तहसील ऑफिस?" इस पर पूर्व सांसद बिना जवाब दिए सीधे अपनी गाड़ी में जाकर बैठ जाते हैं। पूर्व सांसद बोले- तहसीलदार से मिलने गया था हालांकि पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार ने आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा- वे तहसीलदार से मिलने गए थे, लेकिन तहसीलदार मौजूद नहीं थे। उन्होंने नायब तहसीलदार से मुलाकात की और वापस लौट आए। उन्होंने कहा- मैंने कोई मीटिंग नहीं की। किसकी मीटिंग करता? क्या मैं तहसील में जा नहीं सकता? किसी के कहने पर कुछ लोग वहां आ गए और उनसे पूछा गया कि वे यहां क्यों आए थे, यह पूछने का क्या मतलब है। पालिका अध्यक्ष के पति बोले- मीटिंग क्यों की? बिसाऊ की नगर पालिका अध्यक्ष के पति सलीम सैय्यद ने आरोप लगाया है कि चुनाव चल रहे हैं, ऐसे में पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार सरकारी ऑफिस में सरकारी कर्मचारियों के साथ मीटिंग कैसे कर सकते हैं। उन्होंने इस दौरान तहसीलदार के ऑफिस में मौजूद न होने की बात भी कही हैं।