मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और वोट चोरी के आरोपों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस के लगातार हमलों के जवाब में भाजपा ने भी मोर्चा खोल दिया है। जयपुर में शनिवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन का रास्ता सिर्फ चुनाव है, अराजकता नहीं। कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर देश में भ्रम और अस्थिरता का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। जोशी ने कांग्रेस के राजनीतिक अभियान को फेल प्रोजेक्ट की बार-बार लॉन्चिंग बताते हुए कहा कि कांग्रेस एक असफल राजनीतिक प्रोजेक्ट को नए तरीके से पेश करने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि देश की जनता ने उन्हें पूरी तरह नकार दिया है और अब कांग्रेस के नेता भी परेशान हैं कि इस फेल प्रोजेक्ट को कितनी बार लॉन्च किया जाए। भाजपा की ओर से चलाए जा रहे 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान को लेकर जोशी ने कहा कि पार्टी जनता के बीच जाकर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देगी। उनका आरोप था कि कांग्रेस चुनाव में हार के बाद चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं को निशाना बनाती है। कांग्रेस से पूछा- बिना जांच सभी नाम जोड़ दें क्या SIR को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि कांग्रेस का आरोप है कि करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। उन्होंने सवाल किया कि क्या इन सभी नामों को बिना किसी सत्यापन के दोबारा जोड़ दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जो स्थाई रूप से दूसरी जगह जा चुके हैं या जिनका पता नहीं चल पाया है। जोशी ने कहा कि मतदाता सूची में पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया अभी भी उपलब्ध है। लोग ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऐसे में कांग्रेस को भ्रम फैलाने के बजाय मतदाता सूची को शुद्ध बनाने की प्रक्रिया में सहयोग करना चाहिए। बैलेट पेपर से चुनाव हारने पर भी चुनाव आयोग पर सवाल क्यों केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कर्नाटक के विधान परिषद चुनाव का उदाहरण दिया। उन्होंने दावा किया कि बैलेट पेपर से हुए चुनाव में कांग्रेस चारों सीटें हार गई। वहीं 28 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव में पार्टी को केवल एक सीट पर जीत मिली। जोशी ने कहा कि इन चुनावों में सरकारी कर्मचारियों को भी मतदाता सूची में शामिल किया गया था, इसके बावजूद कांग्रेस को अपेक्षित परिणाम नहीं मिले। उन्होंने त्रिपुरा के स्थानीय निकाय चुनावों का भी जिक्र करते हुए कहा कि वहां बैलेट पेपर से चुनाव होने के बावजूद कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों एमएस गिल, टीएन शेषन और नवीन चावला का जिक्र करते हुए कांग्रेस के पुराने कार्यकाल और चुनाव आयोग के प्रति उसके रवैये पर भी सवाल उठाए। बांग्लादेश का उदाहरण देने पर भी राहुल गांधी को घेरा जोशी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की ओर से सत्ता परिवर्तन के संदर्भ में बांग्लादेश का उदाहरण दिया जा रहा है और राहुल गांधी भी ऐसे विचारों का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और अत्याचार की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में वहां की परिस्थितियों का उदाहरण देकर भारत में राजनीतिक अस्थिरता की बात करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत है और सरकार बदलने का अधिकार जनता के पास है। मतदाता अपने वोट के जरिए सरकार चुनते हैं। इसलिए सत्ता परिवर्तन के लिए चुनावी प्रक्रिया ही संवैधानिक रास्ता है। दिवाली पर प्रदर्शन से व्यापारियों को नुकसान का आरोप कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों पर निशाना साधते हुए जोशी ने कहा कि कांग्रेस को दिवाली के अलावा प्रदर्शन करने का कोई दूसरा समय नहीं मिलता। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे प्रदर्शनों से व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं और व्यापारियों को करीब 20 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज कर रही है और देश में 2.40 लाख से अधिक स्टार्टअप हैं। ऐसे समय में व्यापारिक गतिविधियों को बाधित करने वाले प्रदर्शन उचित नहीं हैं। न्यायपालिका के मुद्दे पर भी जोशी ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि जब अदालत का फैसला कांग्रेस के पक्ष में आता है तो पार्टी उसे सही बताती है, लेकिन फैसला खिलाफ आने पर न्यायपालिका पर सवाल खड़े किए जाते हैं। उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस को देश की संवैधानिक संस्थाओं और न्यायिक व्यवस्था पर भरोसा नहीं है? राहुल गांधी के विदेश दौरों पर बोले- जनता को जवाब नहीं देते जोशी ने राहुल गांधी के विदेश दौरों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बार-बार विदेश जाते हैं, लेकिन वहां किन लोगों से मिलते हैं और क्या बातचीत करते हैं, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं करते। उन्होंने सवाल किया कि आखिर ऐसी क्या वजह है कि वे सुरक्षा व्यवस्था छोड़कर विदेश चले जाते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस की चुनावी हार के लिए पार्टी नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व न तो खुद पर्याप्त मेहनत करता है और न ही कार्यकर्ताओं को संगठन में आगे बढ़ने का अवसर देता है। महाभियोग की चर्चा पर भी उठाए सवाल चुनाव आयोग के खिलाफ महाभियोग लाने की विपक्षी चर्चा पर जोशी ने सवाल उठाए। कांग्रेस के आरोपों का जवाब तथ्यों के साथ देती रहेगी भाजपा उन्होंने कांग्रेस विधायक के बेटे से जुड़े एक चुनावी मामले का भी उल्लेख किया और फर्जी अदालती आदेश और दो जगह मतदाता बनने की कोशिश के आरोप लगाए। जोशी ने कहा कि भाजपा कांग्रेस के आरोपों का जवाब तथ्यों के साथ देती रहेगी। कांग्रेस ऐसे राजनीतिक अभियानों के जरिए सत्ता में वापसी नहीं कर पाएगी। इस तरह SIR को लेकर शुरू हुआ विवाद अब भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधे राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है। कांग्रेस जहां मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी के आरोपों को लेकर आंदोलन कर रही है, वहीं भाजपा इसे चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने की राजनीति बता रही है।