राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित की जा रही वाहन चालक भर्ती-2024 में अनुभव प्रमाण पत्र के नाम पर फर्जीवाड़े की आशंका को देखते हुए बोर्ड ने दस्तावेज सत्यापन में सख्ती बरतने की तैयारी की है। अब केवल किसी फर्म या कंपनी का अनुभव प्रमाण पत्र पेश कर देने से काम नहीं चलेगा। अभ्यर्थियों को यह भी साबित करना होगा कि उन्होंने किस कंपनी में काम किया, कौन सा वाहन चलाया, वाहन का नंबर क्या था और उसे कब से कब तक चलाया। इतना ही नहीं, वाहन चलाने के बदले मिले मानदेय के भुगतान का हिसाब भी देना होगा। बैंक खाते में भुगतान हुआ है तो बैंक स्टेटमेंट और नकद भुगतान हुआ है तो उसकी रसीद प्रस्तुत करनी होगी। चयन बोर्ड ने ड्राइवर भर्ती में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों को रोकने के लिए यह कदम उठाया है। ड्राइवर भर्ती में अनुभव एक महत्वपूर्ण पात्रता शर्त है। बोर्ड ने 4508 अभ्यर्थियों को दस्तावेजों के सत्यापन के लिए सूचीबद्ध किया है। अब स्टेट मोटर गैराज विभाग को दस्तावेज सत्यापन का काम करना है। सिर्फ अनुभव प्रमाण पत्र नहीं चलेगा, वाहन चलाने, मानदेय का भी देना होगा सबूत अनुभव प्रमाण पत्र के प्रारूप के अनुसार अभ्यर्थी ने जिस कंपनी, फर्म या संस्थान में वाहन चलाने का अनुभव प्राप्त किया है, उसका पूरा विवरण देना होगा। फर्म कहां पंजीकृत है, उसका रजिस्ट्रेशन नंबर क्या है। उसके पते व ईमेल आईडी की भी जानकारी देनी होगी। फर्म में संबंधित अभ्यर्थी ने कौन सा वाहन चलाया था। कब से कब तक चलाया था। वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर क्या है। ड्राइवर के रूप में उसे मानदेय का भुगतान कैसे हुआ। बैंक में हुआ तो बैंक स्टेटमेंट देना होगा। नकद हुआ तो रसीद देनी होगी। इससे यह जांचने में मदद मिलेगी कि अभ्यर्थी ने वास्तव में संबंधित फर्म या कंपनी में काम कर रहा था या केवल भर्ती में पात्रता हासिल करने के लिए फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र बनवाया है। 4508 अभ्यर्थी पात्र घोषित किए नवंबर मध्य से शुरू हो सकता है दस्तावेज सत्यापन जिन अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन और पात्रता जांच के लिए सूचीबद्ध किया गया है। उनके दस्तावेजों की जांच का काम नवंबर के मध्य में प्रारंभ हो सकता है। यह काम पूरा होने के बाद अंतिम परिणाम जारी होगा। इसके बाद संबंधित विभाग की ओर से नियुक्ति दी जाएगी। भर्ती में अनुभव की शर्त: इस भर्ती की शैक्षणिक योग्यता दसवीं है। साथ ही हल्के या भारी वाहन को चलाने का लाइसेंस होना चाहिए। ड्राइवर के रूप में 3 वर्ष का अनुभव होना चाहिए। अनुभव प्रमाण पत्र का प्रारूप भी बोर्ड ने जारी किया है। ड्राइवर भर्ती में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों को लेकर शिकायत मिली थी। इसमें किसी भी तरह का फर्जीवाड़ा ना हो। इसलिए अनुभव प्रमाण पत्र के प्रारूप में बदलाव किया गया है। अब अभ्यर्थी को अपने अनुभव को लेकर पूरी डिटेल देनी होगी। इससे फर्जी तरीके से अनुभव प्रमाण पत्र पर अंकुश लगेगा। अगर फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी का प्रयास किया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - आलोक राज, अध्यक्ष, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड