बूंदी राजकीय सामान्य अस्पताल में बुधवार रात गंभीर डेंगू से पीड़ित मरीज को भर्ती करने से इनकार करने का मामला सामने आया। चापरस निवासी सत्यनारायण मेघवाल को भर्ती कराने के लिए उनके पिता छोटूलाल मेघवाल एक घंटे से अधिक समय तक अस्पताल के अलग-अलग वार्डों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन कहीं भी भर्ती नहीं किया गया। आखिरकार राजस्थान बीज निगम के पूर्व निदेशक एवं कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा के हस्तक्षेप और पीएमओ डॉ. गोविंद गुप्ता से नाराजगी जताने के बाद मरीज को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। ट्रॉमा वार्ड से मेडिकल वार्ड भेजा जानकारी के अनुसार, सत्यनारायण को गंभीर डेंगू होने पर उनके पिता बुधवार रात राजकीय सामान्य अस्पताल लेकर पहुंचे। ट्रॉमा वार्ड में डॉक्टर ने मरीज को मेडिकल वार्ड में भर्ती करने के लिए लिखा था। इसके बाद छोटूलाल बेटे को लेकर मेडिकल वार्ड पहुंचे, लेकिन वहां के स्टाफ ने भर्ती करने से इनकार कर दिया और उन्हें ऊपर वाले मेडिकल वार्ड में जाने के लिए कहा। जनाना-बच्चा वार्ड से भी लौटाया पिता बेटे को लेकर ऊपर वाले मेडिकल वार्ड पहुंचे तो वहां से उन्हें मातृ एवं शिशु अस्पताल के जनाना-बच्चा वार्ड भेज दिया गया। यहां भी मरीज को भर्ती करने से मना कर दिया गया और वापस मेडिकल वार्ड भेज दिया। इस तरह गंभीर हालत में बेटे को लेकर पिता एक वार्ड से दूसरे वार्ड के चक्कर लगाते रहे। अस्पताल के अलग-अलग वार्डों में जाने के बावजूद मरीज का इलाज शुरू नहीं हो पाया। पिता ने कांग्रेस नेता से मांगी मदद काफी देर तक परेशान होने के बाद छोटूलाल मेघवाल ने राजस्थान बीज निगम के पूर्व निदेशक एवं कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा को फोन कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और मदद मांगी। उन्होंने कहा कि बेटे की जान खतरे में है, लेकिन अस्पताल में उसे भर्ती नहीं किया जा रहा है। पीएमओ से जताई नाराजगी, तब शुरू हुआ इलाज सूचना मिलते ही चर्मेश शर्मा अस्पताल पहुंचे और पीएमओ डॉ. गोविंद गुप्ता से फोन पर बात कर मरीज को भर्ती नहीं करने पर अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। इसके बाद पीएमओ के निर्देश पर डेंगू मरीज सत्यनारायण को अस्पताल में भर्ती किया गया और उसका इलाज शुरू हो सका।