राष्ट्रीय दशहरा मेला के अंतर्गत श्रीराम रंगमंच पर आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय चंबल राजस्थान केसरी कुश्ती दंगल का बुधवार को समापन हुआ। इसमें राज्यभर से आए सैकड़ों पहलवानों ने दांव-पेच का प्रदर्शन किया। दंगल में पहलवानों का उत्साह बढ़ाने के लिए कुल 13 लाख रुपए की नकद राशि और 11 क्विंटल शुद्ध घी का वितरण किया गया। समापन व पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा और क्षेत्रीय विधायक संदीप शर्मा ने की। उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा- कोटा अब खेल जगत में नई ऊंचाइयां छू रहा है। कुश्ती मिट्टी से जुड़ा खेल है, जो अनुशासन और साहस सिखाता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा का उपयोग देश निर्माण में करने का आह्वान किया। राजस्थान कुश्ती संघ के अध्यक्ष राजीव दत्ता ने घोषणा की कि प्रदेश के हर जिले में अंतरराष्ट्रीय मानकों के मॉडर्न अखाड़े तैयार किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि जिस गति से इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हो रहा है। साल 2036 के ओलंपिक में राजस्थान के पहलवान पदक जीतकर देश का नाम रोशन करेंगे। प्रमुख प्रतियोगिताओं के परिणाम दंगल में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में 31 हजार रुपए से लेकर 1 लाख रुपए तक के कई रोमांचक मुकाबले खेले गए। पुरुष फ्री स्टाइल (चंबल केसरी) में अलवर के साहिल खान ने फाइनल में भरतपुर के दीपक को 3-1 से हराकर 'चंबल केसरी' का खिताब अपने नाम किया। महिला वर्ग (हाड़ी रानी चंबल केसरी) में हनुमानगढ़ की मोनिका ने खिताब जीता। चंबल कुमार (फ्री स्टाइल) में झुंझुनू के अनुज गुर्जर प्रथम रहे। चंबल बसंत टाइटल में भीलवाड़ा के रिकी बिश्नोई प्रथम, ग्रीको रोमन (चंबल केसरी) में सीकर के शानू प्रथम, ग्रीको रोमन (चंबल कुमार) में बीकानेर के जगमाल सिंह विजेता बने। हाड़ी रानी कुमारी में भीलवाड़ा की कविता माली प्रथम रही। फ्री स्टाइल हाड़ी रानी किशोरी में कोमल वर्मा प्रथम स्थान पर रहीं। विजेताओं को नकद राशि, गुर्ज और पारंपरिक दुपट्टे के साथ प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले पहलवानों को 5-5 किलो शुद्ध घी तथा प्रत्येक प्रतिभागी को 1 किलो घी पुरस्कार स्वरूप दिया गया।