चित्तौड़गढ़ में मंगलवार को मतदान खत्म होने तक कुल 68.52 प्रतिशत वोटिंग हुई। भदेसर पंचायत समिति में सबसे ज्यादा 71.25 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। वहीं, राशमी में सबसे कम 62.90 प्रतिशत वोटिंग हुई। चित्तौड़गढ़ में 69.32, कपासन में 67.62 और भूपालसागर में 70 प्रतिशत मतदान हुआ। भदेसर में दूसरी बार मतदान करने पहुंची पलक (24) ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को तीन वादे करने चाहिए, लेकिन उन्हें पूरा भी करना चाहिए। मुफ्त की चीजें बांटने के बजाय ऐसे काम होने चाहिए, जिनसे लोगों का भला हो। वहीं, हैदराबाद में नौकरी करने वाली सावा निवासी प्रगति (24) पहली बार वोट डालने पहुंचीं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिनिधि चुने जाने चाहिए, जो काम सही ढंग से करवाएं और विकास के बजट का सही इस्तेमाल करें। शंभूपुरा में 80 साल के हजारीलाल दास ने भी मतदान किया। भादसोड़ा के 45 वर्षीय पप्पू तेली में मतदान का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सोमवार को हार्ट अटैक के बाद उदयपुर के अमेरिकन हॉस्पिटल में उनकी बाईपास सर्जरी हुई और मंगलवार शाम डिस्चार्ज होते ही वे सीधे भादसोड़ा मतदान केंद्र पहुंचे। शाम 5:40 बजे उन्होंने अपना वोट डालकर लोकतंत्र के प्रति जिम्मेदारी निभाई। पंचायत समितिवार मतदान प्रतिशत 532 मतदान केंद्रों पर हुआ मतदान जिले में कुल 532 मतदान केंद्र बनाए गए थे। इनमें चित्तौड़गढ़ में 180, भदेसर में 114, राशमी में 91, कपासन में 81 और भूपालसागर में 66 केंद्र शामिल हैं। कुल 4,60,231 मतदाताओं में 2,28,605 पुरुष, 2,31,620 महिलाएं और 6 अन्य मतदाता शामिल थे। जिला परिषद और पंचायत समिति के 348 प्रत्याशी मैदान में तीसरे चरण में जिला परिषद के 17 और पांच पंचायत समितियों के 93 वार्डों के लिए मतदान हुआ। जिला परिषद के 17 वार्डों में 80 और पंचायत समिति के 93 वार्डों में 268 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे।