नगर परिषद के वार्ड नंबर 10 में सार्वजनिक आम रास्ते पर अतिक्रमण के कारण लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। करीब 70-80 साल पुराने इस रास्ते पर लगभग 10 साल पहले नगर परिषद ने सीसी सड़क का निर्माण करवाया था। अब सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण कर रास्ते को संकरा कर दिया गया है। हालात यह हैं कि यहां से बड़े वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का निकलना भी मुश्किल हो गया है। मामला संज्ञान में आने के बाद कलेक्टर टीना डाबी ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने नगर परिषद सचिव सीमा चौधरी को फोन किया। तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि कोई समस्या रखता है तो उसे गंभीरता से सुनकर निस्तारित किया जाना चाहिए। निर्देश के बाद भी कार्मिकों के सुनवाई नहीं करने की बात सामने आने पर कलेक्टर टीना डाबी ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो वे कार्मिकों की दीपावली की छुट्टियां कैंसिल कर देंगी। दरअसल उक्त समस्या को लेकर बुधवार को वार्डवासी स्थानीय पार्षद प्रिया सैनी के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने अतिक्रमण हटवाने के साथ-साथ जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है। वार्ड पार्षद ने बताया कि सोलंगपुरा खाल के बालाजी से बैकुंठधाम शिव मंदिर होते हुए सोलंकियों के कुएं, चिड़ी की बाड़ी की ओर जाने वाला यह सार्वजनिक रास्ता लंबे समय से आसपास की आबादी के आवागमन का प्रमुख मार्ग रहा है। रास्ते के दोनों तरफ पक्के मकान बने हुए हैं। वे नगर परिषद के आबादी क्षेत्र में आते हैं। इसके बावजूद कुछ लोगों ने सड़क पर अतिक्रमण कर रास्ते को बाधित कर दिया है। इससे स्थानीय निवासियों को परेशानी हो रही है। खेतों में कृषि कार्य के लिए आने-जाने वाले किसानों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। ट्रैक्टर-ट्रॉली, वाहन, अन्य साधनों का निकलना मुश्किल हो गया है। पार्षद के अनुसार, इस समस्या को लेकर 21 अक्टूबर को नगर परिषद आयुक्त को लिखित शिकायत दी गई थी। परिषद की ओर से समस्या के समाधान के लिए तीन दिन का समय दिया गया। इसके बाद भी 4 नवंबर तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इससे लोगों में नाराजगी है। वार्डवासियों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण करवाने की मांग की है। इस दौरान कमलेश, रमेशचंद, फूलचंद, रुकमणी, मुकेश, नरेंद्र, मैना सैनी, राजेंद्र सैनी, ममता, हनुमान, मनोहर देवी, कमलेश सैनी, बुद्धिप्रकाश, निशा, विनिता, मोना, कैलाशी, लक्ष्मी, लाली, रामलाल, विष्णु आदि मौजूद रहे।