भास्कर न्यूज| बूंदी राजस्थान राज्य भारत स्काउट गाइड जिला मुख्यालय पर आयोजित प्रशिक्षण शिविर में छात्राओं को कैंप क्राफ्ट के साथ आपदा के समय काम आने वाले हुनर सिखाए गए। कैंप क्राफ्ट गतिविधि के तहत पायनियरिंग प्रोजेक्ट, पुल और मचान बनाने, सीपीआर और प्राथमिक इलाज का प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही स्वतंत्रता सेनानियों पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता हुई और सुखमहल स्थित संग्रहालय का भ्रमण करवाकर ऐतिहासिक अवशेषों की जानकारी दी गई। शिविर में मुख्य अतिथि मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी एवं मुख्य जिला आयुक्त स्काउट अर्चना तंवर ने अवलोकन कर प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। शिविर संचालक डॉ. सर्वेश तिवारी ने बताया कि सोशल मीडिया की जकड़न और चारदीवारी से बाहर निकालकर बच्चों को खेल, ज्ञानवर्धक गतिविधियों और प्रशिक्षण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जिला कमिश्नर स्नेहलता शर्मा के नेतृत्व में कोटा से आई टीम ने प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता करवाई। इसमें ऐतिहासिक महापुरुषों और स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में जानकारी दी गई। सीओ स्काउट प्रदीप चित्तौड़ा के निर्देशन में पायनियरिंग प्रोजेक्ट के तहत नदी-नाले पार करने के लिए बनाए जाने वाले सस्पेंशन ब्रिज, वॉचिंग टावर (मचान) और मंकी ब्रिज का जीवंत प्रशिक्षण दिया गया। सीपीआर और प्राथमिक इलाज करना सिखाया रोवर मेट जीशान अंसारी ने सीपीआर, विभिन्न प्रकार की पट्टियां बांधने और प्राथमिक इलाज की जानकारी दी। ट्रेनिंग काउंसलर हंसराज चौधरी ने जंगल के खेल करवाए। रविंद्र कुमार, खुशराज और प्रवीण मीणा के नेतृत्व में कैंप फायर हुआ। प्रभारी प्रेमशंकर प्रजापत, मुजीबुर्रहमान, मणि जिंदल और इशिका के नेतृत्व में संभागियों ने सुखमहल संग्रहालय का भ्रमण किया। स्थानीय संघ सचिव विश्वजीत जोशी, यूनिट लीडर राजेंद्रप्रसाद सरोया और लोकेश सैनी के नेतृत्व में सैद्धांतिक परीक्षाएं हुईं। इससे पहले शिविर केंद्र पर वार्ता कार्यक्रम में अतिथियों ने विचार रखे।