दौसा की पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 1 लाख 15 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। जुलाई 2024 में दर्ज कराई थी रिपोर्ट प्रकरण के अनुसार, जुलाई 2024 को परिवादी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बेटी अपनी सहेली के साथ पैदल घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। इस पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। 18 गवाहों के बयान, 40 दस्तावेज पेश किए पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ पॉक्सो कोर्ट में चालान पेश किया गया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक जितेंद्र सैनी ने पैरवी की। इस दौरान 18 गवाहों के बयान करवाए गए तथा 40 दस्तावेज न्यायालय में पेश किए। मामले की सुनवाई के बाद न्यायाधीश रेखा राठौड़ ने सबूतों और दस्तावेजों के आधार पर आरोपी हेमंत को दोषी मानते हुए 20 साल के कठोर कारावास एवं 1 लाख 15 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। मोबाइल लोकेशन बनी अहम साक्ष्य विशिष्ट लोक अभियोजक जितेंद्र कुमार सैनी ने बताया- सजा के प्रमुख आधारों में पीड़िता की उम्र 16 साल से कम होना और घटना के समय आरोपी की मोबाइल लोकेशन घटनास्थल पर पाया जाना शामिल रहा।