पंचायत चुनाव में मतदान के दिन डीग-कुम्हेर जिले के संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश मिलेगा। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने सभी नियोजकों को पात्र कर्मचारियों को छुट्टी देने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान कर्मचारियों के वेतन में किसी तरह की कटौती नहीं की जा सकेगी। नियम का उल्लंघन करने पर नियोजक पर 500 रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है। तीसरे चरण में 3 और 5 नवंबर को मतदान जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में कामां, पहाड़ी और बृजनगर पंचायत समितियों में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए 3 नवंबर को मतदान होगा। वहीं सरपंच और पंच पदों के लिए 5 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। चौथे चरण में 14 और 16 नवंबर को वोटिंग चौथे चरण में डीग और कुम्हेर पंचायत समितियों में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए 14 नवंबर को मतदान होगा। इसके बाद सरपंच और पंच पदों के लिए 16 नवंबर को वोटिंग होगी। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम में सवैतनिक अवकाश का प्रावधान लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135(ख) के तहत संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में लोकसभा या विधानसभा चुनाव में मतदान का अधिकार रखने वाले कर्मचारियों को मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश देना अनिवार्य है। यह प्रावधान पंचायत चुनाव के मतदान दिवस पर भी लागू होगा। इसमें आकस्मिक कर्मचारी भी शामिल हैं। नियम तोड़ने पर 500 रुपए तक जुर्माना यदि कोई नियोजक पात्र कर्मचारियों को मतदान के दिन अवकाश देने के प्रावधान का पालन नहीं करता है, तो उस पर 500 रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि, यह नियम ऐसे मतदाता पर लागू नहीं होगा, जिसकी अनुपस्थिति से उसके काम को खतरा या भारी नुकसान होने की आशंका हो। मतदान में भागीदारी बढ़ाने की अपील प्रशासन ने सभी नियोजकों से अपील की है कि वे पात्र कर्मचारियों को मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश दें, ताकि कर्मचारी बिना किसी आर्थिक नुकसान के अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें।