डीग में मिठाई के तौल में डिब्बे का वजन जोड़कर ग्राहकों को कम मिठाई देने पर दुकानदारों पर 10 हजार रुपए तक का जुर्माना लग सकता है। बार-बार नियम तोड़ने पर जेल की सजा भी हो सकती है। यह कार्रवाई विधिक माप विज्ञान अधिनियम के तहत की जा सकती है। उपभोक्ता मामले विभाग जयपुर के निर्देश पर विधिक माप विज्ञान विभाग 2 से 6 नवंबर तक विशेष जांच अभियान चला रहा है। अधिकारी मिठाई की दुकानों के अलावा रिटेल और डिपार्टमेंटल स्टोर पर भी अचानक पहुंचकर जांच कर रहे हैं। अभियान के दौरान विभागीय अधिकारी ग्राहक बनकर दुकानों पर पहुंच रहे हैं और मिठाई की तौल जांच रहे हैं। इसी क्रम में जोधपुर मिष्ठान भंडार, नीरज स्वीट्स, बंसल स्वीट्स और बीकानेर मिष्ठान भंडार का औचक निरीक्षण किया गया। विभाग का कहना है कि अभियान का मकसद त्योहार के दौरान तौल में गड़बड़ी रोकना और ग्राहकों को पूरी निर्धारित मात्रा में मिठाई दिलाना है। मिठाई की तौल में डिब्बे का वजन जोड़कर अतिरिक्त कीमत लेना नियमों का उल्लंघन है। विभाग ने व्यापारियों से बांट और माप के उपकरणों का समय पर सत्यापन कराने की अपील की है। अभियान जारी रहेगा और गड़बड़ी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।