बूंदी के देईखेड़ा इलाके में नहरों में पानी छोड़े करीब एक पखवाड़ा हो गया है, लेकिन टेल क्षेत्र के गांवों तक पानी नहीं पहुंचा। किसानों ने गुरुवार को देईखेड़ा थाने के बाहर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। किसानों ने संभागीय आयुक्त, कोटा और बूंदी जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने दो दिन में नहरों के अंतिम छोर तक पर्याप्त पानी पहुंचाने की मांग की। ज्ञापन में किसानों ने कहा कि 7 नवंबर तक टेल क्षेत्र में पानी नहीं पहुंचा तो वे शनिवार से आंदोलन करेंगे। उनके मुताबिक, करीब दो दर्जन गांवों के खेत अब भी पानी का इंतजार कर रहे हैं। किसान सरसों की फसल के पलेवा और गेहूं की बुवाई के लिए खेत तैयार कर रहे हैं। उनका कहना है कि पानी नहीं मिलने से रबी फसलों की बुवाई में देरी हो रही है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। किसानों ने बताया कि नहरों में समय पर पर्याप्त पानी नहीं मिलने से सैकड़ों किसानों की खेती पर असर पड़ सकता है। पानी जल्द नहीं पहुंचा तो गेहूं की बुवाई पिछड़ सकती है और आगामी फसल का उत्पादन घट सकता है। नहरी पानी की मांग को लेकर करीब एक दर्जन गांवों के तीन दर्जन से अधिक किसान थाने के बाहर जुटे। प्रदर्शन के बाद उन्होंने थाने में ज्ञापन सौंपा और तय समय में टेल क्षेत्र तक पानी पहुंचाने की मांग की।