दिल्ली-NCR में प्रदूषण रोकने के लिए 1 नवंबर से नई पाबंदियां लागू हो गई हैं। अब दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-VI से कम मानक वाली गाड़ियां राजधानी में नहीं आ सकेंगी। इसके चलते रविवार सुबह दिल्ली-गुरुग्राम सरहौल बॉर्डर पर NH-48 की दिल्ली जाने वाली मुख्य सड़क और सर्विस लेन पर करीब 1 किमी लंबा जाम लग गया। सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों में 50% कर्मचारियों को घर से काम करना होगा। वहीं, कई पब्लिक पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने की फीस दोगुनी कर दी गई है। हालांकि, राहत की बात है कि दिल्ली में अक्टूबर के दौरान पिछले 9 साल में सबसे साफ हवा दर्ज की गई। इस महीने औसत AQI 166 रहा। हर साल 1 नवंबर से 28 फरवरी तक लागू रहेगा विंटर प्लान दिल्ली सरकार ने जुलाई 2026 में प्रदूषण रोकने के लिए विंटर प्लान को मंजूरी दी थी। इसके तहत हर साल 1 नवंबर से 28 फरवरी तक प्रदूषण से जुड़े नियम लागू रहेंगे। इस बार भी 1 नवंबर से इन प्रतिबंधों की शुरुआत हो गई है। पहले प्रदूषण बढ़ने के बाद ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत पाबंदियां लगाई जाती थीं। लेकिन अब कुछ नियम पहले से तय तारीख पर लागू होंगे। यानी हवा खराब होने का इंतजार नहीं किया जाएगा। क्या है GRAP, कब लागू हुआ था? GRAP यानी ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान। इसे जनवरी 2017 में लागू किया गया था। इसका मकसद दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता खराब होने पर प्रदूषण के स्तर के हिसाब से पाबंदियां लगाना है। इसके तहत AQI के आधार पर चार चरणों में प्रतिबंध लागू किए जाते हैं। जनवरी से अक्टूबर तक 220 दिन हवा साफ रही मंत्रालय के मुताबिक, जनवरी से अक्टूबर 2026 के बीच दिल्ली में 220 दिन ऐसे रहे, जब हवा की गुणवत्ता अच्छी से संतोषजनक श्रेणी में थी। इन दिनों दैनिक औसत AQI 200 से नीचे रहा। यह संख्या 2025 के 200, 2024 के 201 और 2023 के 206 दिनों से ज्यादा है। वहीं, इस साल जनवरी से अक्टूबर के बीच 84 दिन हवा खराब से गंभीर श्रेणी में रही। इन दिनों दैनिक औसत AQI 200 से ऊपर था। पिछले साल ऐसे दिनों की संख्या 104 थी। 2024 में भी 104, 2023 में 98 और 2022 में 144 दिन हवा इस श्रेणी में रही थी। ----------------------------- यह खबर भी पढ़ें… 7 राज्यों के ग्रामीण इलाकों में प्रदूषण देश से ज्यादा:मुंबई में समुद्री हवाओं का कवच भी कमजोर, नॉर्थ ईस्ट में भी खराब हुई हवा देश में वायु प्रदूषण अब सिर्फ बड़े शहरों की समस्या नहीं रह गया है। गांवों की हवा भी उतनी ही जहरीली होती जा रही है। फिक्की की 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 24 राज्यों में से 22 में शहरी इलाकों का प्रदूषण ग्रामीण क्षेत्रों से ज्यादा है। पूरी खबर पढ़ें…