दीपावली के अवसर पर स्कूलों में होने वाले मध्यावधि अवकाश को लेकर निजी स्कूलों और शिक्षा विभाग के बीच नियमों की पालना का सवाल सामने आया है। शिविरा पंचांग के अनुसार प्रदेश के स्कूलों में 4 से 15 नवंबर तक अवकाश निर्धारित है, लेकिन कुछ निजी स्कूलों ने इसमें कटौती करते हुए केवल छह दिन की छुट्टियां घोषित की हैं। इससे अभिभावकों और विद्यार्थियों के सामने असमंजस की स्थिति बन गई है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार स्कूल 16 नवंबर से दोबारा खुलेंगे। वहीं, कुछ निजी स्कूलों ने 6 से 11 नवंबर तक ही अवकाश घोषित किया है। इसके पीछे 25 नवंबर से प्रस्तावित अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं को देखते हुए पाठ्यक्रम पूरा करवाने की वजह बताई जा रही है। छुट्टियों के तुरंत बाद परीक्षाओं की चुनौती : मध्यावधि अवकाश के बाद विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के लिए ज्यादा समय नहीं मिलेगा। 16 नवंबर को स्कूल खुलने के बाद 25 नवंबर से अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। ऐसे में विद्यार्थियों के सामने सीमित समय में पाठ्यक्रम दोहराने और परीक्षा की तैयारी पूरी करने की चुनौती रहेगी। इस संबंध में शिक्षा विभाग के डीईओ माध्यमिक डॉ. रामगोपाल शर्मा ने स्पष्ट किया कि शिविरा पंचांग की पालना सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों के लिए अनिवार्य है। किसी भी स्कूल को निर्धारित अवकाश अवधि में मनमाने तरीके से कटौती नहीं करनी चाहिए। यदि किसी अभिभावक की ओर से इस संबंध में शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित स्कूल को पाबंद किया जाएगा।