धौलपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रेखा यादव ने बुधवार को बाल संप्रेषण गृह, बाल देखरेख एवं संरक्षण गृह, शिशु गृह और सखी वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण किया। बाल गृहों में बच्चों को मिल रही सुविधाएं देखीं। सखी सेंटर में जरूरी रजिस्टर और रिकॉर्ड नहीं मिलने पर उन्होंने इन्हें व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजीव मागो के निर्देशन में यह निरीक्षण किया गया। सचिव ने सबसे पहले शिशु गृह का जायजा लिया। वहां दो शिशु मिले। उन्होंने बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य जांच, सफाई, रहने और सुरक्षा की व्यवस्था देखी। आने वाली सर्दी को देखते हुए उन्होंने शिशुओं को ठंड से बचाने, गर्म और साफ कपड़े पहनाने तथा कंबल, रजाई, गद्दे और चादरों की नियमित सफाई के निर्देश दिए। कमरों में पर्याप्त हवा और रोशनी रखने को भी कहा। इसके बाद उन्होंने बाल संप्रेषण गृह में रह रहे विधि से संघर्षरत बालकों से अलग-अलग बात की। उनसे भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रहने की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। सचिव ने बच्चों को आपस में प्रेम और सौहार्द बनाए रखने, लड़ाई-झगड़े से दूर रहने और सकारात्मक सोच के साथ भविष्य बनाने की सलाह दी। बाल देखरेख एवं संरक्षण गृह में उन्होंने भोजन, पेयजल, चिकित्सा, सुरक्षा और पढ़ाई की व्यवस्था देखी। सखी वन स्टॉप सेंटर में जरूरी रजिस्टर नहीं मिले। निरीक्षण के समय केंद्र पर कोई पीड़ित महिला या बालिका भी मौजूद नहीं थी। केंद्र प्रभारी रेखा शर्मा ने बताया कि 31 अक्टूबर को पूर्व प्रभारी शिप्रा पचौरी को हटाया गया था। उन्होंने कार्यभार के साथ संबंधित रिकॉर्ड और रजिस्टर विधिवत नहीं सौंपे थे। सचिव ने पूछा कि रजिस्टर नहीं होने पर पीड़ित महिलाओं और बालिकाओं की प्रविष्टियां और उनके मामलों का रिकॉर्ड कैसे रखा जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि पूर्व प्रभारी से कार्यभार लेने के बाद सभी रजिस्टर और रिकॉर्ड जांच के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में पेश किए जाएं।