धौलपुर जिला कारागृह से सोमवार को गौरक्षक रिंकू सैनी रिहा हुए। करीब साढ़े तीन साल बाद उनकी जमानत मंजूर हुई। जेल से बाहर आते ही गौरक्षक और बजरंग दल के कार्यकर्ता स्वागत के लिए पहुंचे। समर्थकों ने ‘जय गौमाता’ के नारे लगाए और रिंकू का स्वागत किया। गौरक्षक मोनू मानेसर भी अपने साथियों के साथ जिला कारागृह पहुंचे और रिंकू का सम्मान किया। मोनू मानेसर ने कहा— “आज का दिन दोहरी खुशी लेकर आया है। लंबे समय बाद रिंकू की रिहाई हुई है।” उन्होंने कहा कि साढ़े तीन साल तक बेटे का पिता से, मां का बेटे से और पत्नी का पति से दूर रहना कितना पीड़ादायक होता है, यह वही समझ सकता है जिसने इसे महसूस किया हो। उन्होंने गौमाता से रिंकू के परिवार की खुशहाली की कामना की। रिहाई के बाद रिंकू सैनी ने कहा कि उनका जीवन गौमाता की सेवा और सुरक्षा के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि आगे भी इसी संकल्प के साथ काम करते रहेंगे। रिंकू की रिहाई पर समर्थकों में उत्साह दिखा। जेल परिसर के बाहर काफी देर तक स्वागत का सिलसिला चलता रहा।