धौलपुर में करीब 16 साल पुराने संतोष हत्याकांड में विशिष्ट न्यायालय डकैती प्रभावित क्षेत्र ने डकैत लाल सिंह और पप्पू गुर्जर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 12-12 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। फैसला न्यायाधीश राकेश गोयल ने सुनाया। विशिष्ट लोक अभियोजक सतीश कुमार शर्मा ने बताया कि परिवादी भूरा ने बसई डांग थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक 22 अगस्त 2010 को डकैत लाल सिंह, पान सिंह और पप्पू गुर्जर भूरा के भतीजे संतोष को घर से अपने साथ ले गए थे। इसके बाद घर से कुछ दूरी पर संतोष की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस मामले में पान सिंह को पहले ही आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। अब लाल सिंह और पप्पू गुर्जर को भी दोषी ठहराकर उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।