अलवर नगर निगम की ओर से दीपावली पर कंपनी बाग रोड पर हाट बाजार शुरु करवाया गया है। लेकिन दुकानदारों की शिकायत है कि इस जगह पर ग्राहक नहीं आ रहे है। दुकानदारों ने शनिवार से ही दुकानें लगा ली थीं, जबकि रविवार को बाकी दुकानदार भी अपना सामान लेकर पहुंच गए। इससे पहले ये लोग होपसर्कस और घंंटाघर में दुकानें लगाते थे। कंपनीबाग में करीब 340 दुकानें तैयार की गई हैं। वहीं कंपनी बाग के अंदर शहीद स्मारक के पास करीब 100 और दुकान लगाने के तैयारी चल रही है। हाट बाजार में दुकानें सजने के बावजूद ज्यादातर दुकानदारों को ग्राहक नहीं मिल रहे हैं। कई दुकानदारों का कहना है कि कल से दुकान लगाकर बैठे हैं, लेकिन अभी तक एक रूपए की भी बिक्री नहीं हुई है। दुकानदारों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि कंपनी बाग रोड पर दुकानें लगवा दी गईं, लेकिन ग्राहक अभी भी घंटाघर और होपसर्कस के आसपास की पुरानी दुकानों पर ही पहुंच रहे हैं। सभी का कहना है कि दुकानदारों को एक ही जगह जब तक व्यवस्थित नहीं किया जाएगा, तब तक यहां ग्राहक नहीं आएंगे। दुकानदारों ने मांग की है कि सभी को कंपनी बाग में ही दुकानें लगाने के लिए दी जाए। नहीं तो फिर सबको पुराने बाजार में दुकान लगाने की अनुमति मिले। टोकन नहीं मिलने से भी परेशान दुकानदार हाट बाजार में दुकानों के आवंटन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कुछ दुकानदारों का कहना है कि कई लोगों को दुकान के टोकन दिए गए हैं, जबकि कुछ को अब तक टोकन नहीं मिला। ऐसे में बिना टोकन के वे अपना पूरा सामान लाकर दुकान कैसे लगाएं। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि टोकन वितरण में भी पक्षपात किया जा रहा है। दुकानदार राजू ने बताया कि बाजार में बड़ी दुकानों के संचालक अपनी दुकानों के आगे फड़ लगवा रहे हैं। उनका कहना है कि निगम को ऐसे दुकानदारों को भी यहां लाना चाहिए। आरोप है कि कुछ लोग अपनी दुकानों के आगे फड़ लगवाने के लिए 15 से 17 हजार रुपए तक ले रहे हैं। परिचितों को टोकन दे रहे हाट बाजार में दुकान लगा रही महिला रेखा ने बताया कि उसे अभी तक दुकान का टोकन नहीं मिला है। उसने शनिवार को दुकान नंबर 242 पर सामान लगाया था, लेकिन वहां से हटा दिया गया। अब वह दुकान नंबर 134 के आगे सामान लगाकर बैठी है। रेखा का आरोप है कि टोकन बांटने वाले लोग पहले अपने परिचितों को दुकानें देकर व्यवस्थित कर रहे हैं, जबकि जरूरतमंद दुकानदार परेशान हो रहे हैं। वहीं गुड्डी ने बताया कि यहां सुबह से दोपहर तक एक रुपए की भी बिक्री नहीं हुई। वह पिछले 20 साल से होपसर्कस के पास दुकान लगा रही हैं। उनका कहना है कि पुराने बाजार में ग्राहकों की आवाजाही रहती है, लेकिन कंपनी बाग में अभी ग्राहक नहीं पहुंच रहे हैं। महापौर के पति बोले- पहली बार की पहल, 150 दुकानें और बढ़ाएंगे नगर निगम महापौर सुमनलता अग्रवाल के पति अजय अग्रवाल ने बताया कि इस बार पहली बार छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों के लिए कंपनी बाग रोड पर हाट बाजार की व्यवस्था की गई है। इसमें कुछ कमियां रह सकती हैं, लेकिन निगम का उद्देश्य छोटे व्यापारियों को एक जगह दुकान लगाने की सुविधा देना है, ताकि शहर के लोग यहां आकर खरीदारी कर सकें और छोटे दुकानदारों की दीपावली भी अच्छी हो सके। अभी 340 दुकानें तैयार की गई हैं। इसके अलावा करीब 150 दुकानों की व्यवस्था और की जा रही है।